Advertisements
Advertisements
Question
डलहौज़ी प्रसन्न क्यों था?
Advertisements
Solution
क्योंकि नि:संतान राजा गंगाधर राव की मृत्यु होने पर झाँसी का अधिकार स्वतः ही अंग्रेज़ी सरकार को मिल जाना था इसलिए डलहौज़ी प्रसन्न था।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कविता पढ़कर तुम्हारे मन में चिड़िया का जो चित्र उभरता है उस चित्र को कागज़ पर बनाओ।
वह चिड़िया________ जुंडी के दाने रुचि से ______खा लेती है।
वह चिड़िया_________.रस उँडेल कर गा लेती है।
कविता की इन पंक्तियों में मोटे छापे वाले शब्दों को ध्यान से पढ़ो। पहले वाक्य में 'रुचि से' खाने के ढंग की और दूसरे वाक्य में 'रस ऊँडेल कर' गाने के ढंग की विशेषता बता रहे हैं। अतः ये दोनों क्रियाविशेषण हैं। नीचे दिए वाक्यों में कार्य के ढंग या रीति से संबंधित क्रिया-विशेषण छाँटो −
(क) सोनाली जल्दी-जल्दी मुँह में लड्डू ठूसने लगी।
(ख) गेंद लुढ़कती हुई झाड़ियों में चली गई।
(ग) भूकंप के बाद मुज़फ़्फ़राबाद की ज़िंदगी धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।
(घ) कोई सफ़ेद-सी चीज़ धप्प से आँगन में गिरी।
(ङ) इबोबी फुर्ती से चोर पर झपटा।
(च) तेजिंदर सहमकर कोने में बैठ गया।
(छ) यह पत्र मिलते ही फ़ौरन घर चली आओ।
(ज) आज अचानक ठंड बढ़ गई है।
चिड़िया के पंख किस रंग के हैं?
बहुवैकल्पिक प्रश्न
चाँद ने क्या पहना है?
कवि के अनुसार चाँद को क्या बीमारी है?
चिल्ड्रन बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित कमला शर्मा द्वारा लिखित उपन्यास ‘अपराजिता’।
बहुविकल्पीय प्रश्न
कवयित्री ने झाँसी की रानी की कथा किसके मुँह से सुनी थी?
महल में खुशी का कारण क्या था?
बहुविकल्पीय प्रश्न
बच्ची किसके साथ रहने के लिए बड़ी नहीं होना चाहती?
बचपन सुहाना क्यों होता है?
बहुविकल्पी प्रश्न
रघुबीर की वधू कौन थी?
बहुविकल्पी प्रश्न
पर्नकुटी किस चीज़ से बनती है?
प्रथम सवैया में कवि ने राम-सीता के किस प्रसंग का वर्णन किया है?
सीता जी बेचैन होकर श्रीराम से क्या बातें कही?
यह क्यों कहा गया है कि बड़ा बनाकर माँ बच्चे को छलती है?
कक्षा में बच्चों को उनकी मरज़ी से दो समूहों में रखें-
(क) एक समूह में वे जो छोटे बने रहना चाहते हैं।
(ख) दूसरे समूह में वे जो बड़े होना चाहते हैं।
इन दोनों समूह के सभी बच्चे एक-एक कर बताएँगे कि वे क्यों छोटा बने रहना चाहते हैं या क्यों बड़ा होना चाहते हैं।
दोनों सवैयों के प्रसंगों में अंतर स्पष्ट करो।
पाठ के आधार पर वन के मार्ग का वर्णन अपने शब्दों में करो।
