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मान लीजिए कि A = {1, 2, 3} संबंध R = {1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 3), (1,3)}, पर विचार कीजिए, तो R _________ है।

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प्रश्न

मान लीजिए कि A = {1, 2, 3} संबंध R = {1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 3), (1,3)}, पर विचार कीजिए, तो R _________ है।

पर्याय

  • स्वतुल्य है किंतु सममित नहीं हैं।

  • स्वतुल्य है किंतु संक्रामक नहीं हैं।

  • सममित तथा संक्रामक है।

  • न तो सममित है और न संक्रामक है।

MCQ
रिकाम्या जागा भरा
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उत्तर

मान लीजिए कि A = {1, 2, 3} संबंध R = {1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 3), (1,3)}, पर विचार कीजिए, तो R स्वतुल्य है किंतु सममित नहीं हैं

दिया गया है, A = {1, 2, 3}

R = {(1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 3),(1, 3)}

∵ (1, 1), (2, 2),(3, 3) ∈ R

अत: R स्वतुल्य है।

(1, 2) ∈ R लेकिन (2, 1) ∉ R

अत: R सममित नहीं है।

(1, 2) ∈ R और (2, 3) ∈ R

⇒ (1, 3) ∈ R

अत: R संक्रामक है।

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संबंध एवं फलन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [पृष्ठ १५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
पाठ 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 33 | पृष्ठ १५

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क्या Z (पूर्णांकों का समुच्चय) में m * n = m – n + mn ∀ m, n ∈ Z द्वारा परिभाषित द्विआधारी-संक्रिया * कर्म -विनिमेय है? 


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यदि A = {a, b, c, d} तथा फलन f = {(a, b), (b, d), (c, a), (d, c)} तो f –1 लिखिए।


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एकैकी है किंतु आच्छादक नहीं है।


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न लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

k(x) = x2 


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मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = (a – b)2 ∀ a, b ∈ Q


मान लीजिए कि R में द्वारा द्वि-आधारी *, a * b = 1 + ab, ∀ a, b ∈ R तो संक्रिया *


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मान लीजिए f: R → R, f(x) = sin (3x+2) ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित एक फलन है। तो f व्युत्क्रमणीय है।


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