Advertisements
Advertisements
प्रश्न
मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?
a * b = (a – b)2 ∀ a, b ∈ Q
Advertisements
उत्तर
यह देखते हुए कि * Q पर परिभाषित एक द्वि-आधारी संक्रिया है।
a * b = (a – b)2, ∀ a, b ∈Q
b * a = (b –a)2
तब से, (a – b)2 = (b – a)2
इस प्रकार, * क्रमविनिमेय है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = 4x – 3 ∀ x ∈ R द्वारा परिभषित एक फलन है, तो f –1 लिखिए।
मान लीजिए कि R प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध है, जो nRm यदि n विभाजित करता है m को, द्वारा परिभाषित है, तो R
समुच्चय A में 3 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 4 अवयव हैं, तो A से B में परिभाषित एकैक प्रतिचित्रणों की संख्या
f (x) = `sqrt(x^2 –3x +2)` द्वारा परिभषित फलन f : R → R का प्रांत ______ है।
समुच्चय A = {1, 2, 3} तथा R = {(1, 2), (1, 3)} पर विचार कीजिए। R एक संक्रामक संबंध है।
समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं।
मान लीजिए कि A = {a, b, c} तथा A में परिभाषित संबंध R निम्नलिखित है:
R = {(a, a), (b, c), (a, b)}. तो उन क्रमित युग्मों की, कम से कम, संख्या लिखिए, जिनको R में जोड़ने से R स्वतुल्य तथा संक्रामक बन जाता है।
मान लीजिए कि f , g : R → R क्रमश: f (x) = 2x + 1 तथा g (x) = x2 – 2, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए।
क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।
{(x, y): x एक व्यक्ति है, y माँ है x की}
क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।
{(a, b): a एक व्यक्ति है, b पूर्वज है a का}
यदि प्रतिचित्रण f तथा g क्रमश: f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1)} तथा g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)} द्वारा दत्त हैं, तो f o g लिखिए।
मान लीजिए n एक निश्चित (स्थिर) धन पूर्णांक है। Z में एक संबंध R निम्लिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए : ∀ a, b ∈ Z, aRb यदि और केवल यदि a - b, भाज्य है n से। सिद्ध किजिए कि R एक तुल्यता संबंध है।
मान लीजिए कि A = R – {3}, B = R – {1}, मान लीजिए कि f : A → B, f (x) = `(x - 2) /(x - 3)` ∀ x ∈ A द्वारा परिभाषित है, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी आच्छादी है।
निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:
x + 4y = 10, x, y ∈ N
निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।
फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए:
फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o f ज्ञात कीजिए:
फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो g o g ज्ञात कीजिए:
मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?
a * b = a – b ∀ a, b ∈ Q
मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?
a * b = a2 + b2 ∀ a, b ∈ Q
यदि समुच्चय {1, 2, 3} में R = {(1, 2)} द्वारा परिभाषित एक संबंध R है, तो R ______ है।
यदि समुच्चय A में 5 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 6 अवयव हैं, तो A से B में एकैकी तथा आच्छादक प्रतिचित्रणों की संख्या ______ है।
माना लीजिए कि A = {1, 2, 3, ...n} तथा B = {a, b}। तो A से B में आच्छादी प्रतिचित्रों (प्रतिचित्रणों) की संख्या _________ है।
मान लीजिए f: A → B तथा g: B → C एकैकी आच्छादी फलन हैं, तो (g o f)-1 ______ है।
मान लीजिए कि समुच्चय A = {1, 2, 3} में परिभाषित एक संबंध R = {(3, 1), (1, 3), (3, 3), तो R सममित, संक्रामक है किंतु स्वतुल्य नहीं है।
फलनों का संयोजन साहचर्य होता है।
