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प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में m * n = g.c.d (m, n), m, n ∈ N द्वारा द्वि-आधारी- संक्रिया * परिभाषित कीजिए।क्या संक्रिया * कर्मविनिमेय तथा साहचर्य है?

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प्रश्न

प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में m * n = g.c.d (m, n), m, n ∈ N द्वारा द्वि-आधारी- संक्रिया * परिभाषित कीजिए।क्या संक्रिया * कर्मविनिमेय तथा साहचर्य है?

बेरीज
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उत्तर

संक्रिता स्पष्टत: क्रम-विनिमेय है, क्योंकि

m * n = g.c.d (m, n) = g.c.d (n, m) = n * m ∀ m, n ∈ N

यह साहचर्य भी है, क्योंकि l, m, n ∈ N के लिए,

l * (m * n) = g. c. d (l, g.c.d (m, n))

= g.c.d. (g. c. d (l, m), n)

= (l * m) * n

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संबंध एवं फलन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: संबंध एव फलन - हल किये हुए उदाहरण [पृष्ठ ५]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
पाठ 1 संबंध एव फलन
हल किये हुए उदाहरण | Q 11 | पृष्ठ ५

संबंधित प्रश्‍न

फलन f(x) = f(x) = `(x^2 + 2x + 1)/(x^2 - 8x + 12)` का प्रांत ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

 a, b ∈ Q के लिए a * b = `"ab"/4` 


मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = sin x तथा g : R → R g (x) = x2 द्वारा परिभषित हैं, तो f o g


मान लीजिए कि f: R → R, f(x) = 3x – 4, द्वारा परिभषित हैं, तो f–1(x)


मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = x2 + 1 द्वारा परिभषित हैं, तो 17 तथा -3 के पूर्व प्रतिबिम्ब क्रमश: 


समुच्चय A = {1, 2, 3} पर विचार कीजिए तथा R, A में छोटे से छोटा तुल्यता संबंध है, तो R = ______


अवयवों वाले समुच्चय A पर विचार कीजिए। A से स्वयं A पर एकैकी आच्छादक फलनों की कुल संख्या ______ है।


समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं। 


मान लीजिए कि N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो a * b = a + b, ∀ a, b ∈ N द्वारा N में परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव है।


मान लीजिए कि f , g : R → R क्रमश: f (x) = 2x + 1 तथा g (x) = x2 – 2, ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि f: R → R फलन f(x) = 2x – 3 ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। f–1 लिखिए।


यदि प्रतिचित्रण f तथा g क्रमश: f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1)} तथा  g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)} द्वारा दत्त हैं, तो f o g लिखिए।


मान लीजिए C सम्मिश्र संख्याओं का समुच्चय है। सिद्ध कीजिए कि f(z) = |z|, z C द्वारा दिया गया प्रतिचित्रण f: C → R न तो एकैकी है और न ही आच्छादक (आच्छादि) है।


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

g = {(1, 4), (2, 4), (3, 4)}


मान लीजिए f: R → R f(x) = `1/(2 - cosx)` x R द्वारा परिभाषित एक फलन है। तो , f का परिसर ज्ञात कीजिए।


दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :

A से B में एक एकैक प्रतिचित्रण।


दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :

B से A में एक प्रतिचित्रण।


एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -

एकैकी है किंतु आच्छादक नहीं है।


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o g ज्ञात कीजिए:


मान लीजिए कि T, यूक्लिडिय समतल में, सभी त्रिभुजों का समुच्चय है तथा मान लीजिए कि T में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित है कि aRb, यदि a सर्वांगसम है b के, ∀ a, b ∈ T, तो R ______


समुच्चय A = {1, 2, 3} में तुल्यता संबंधों की अधिकतम संख्या ______ है।


यदि समुच्चय {1, 2, 3} में R = {(1, 2)} द्वारा परिभाषित एक संबंध R है, तो R ______ है।


मान लीजिए कि हम R में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित करें aRb यदि a ≥ b, तो R _________ है।


माना लीजिए कि A = {1, 2, 3, ...n} तथा B = {a, b}। तो A से B में आच्छादी प्रतिचित्रों (प्रतिचित्रणों) की संख्या _________ है।


मान लीजिए f: N → R f(x) = `(2x - 1)/2` द्वारा परिभाषित एक फलन है तथा g: Q → R g(x) = x + 2 द्वारा परिभाषित एक अन्य फलन है। तो (g o f) ` 3/2` ______ है।


प्रत्येक संबंध जो सममित तथा संक्रामक है, स्वतुल्य भी है।


मान लीजिए A = {0, 1} और N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो f(2n – 1) = 0, f(2n) = 1, ∀ n∈ N द्वारा परिभाषित प्रतिचित्रण f: N → A आच्छादक है।


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