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प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में m * n = g.c.d (m, n), m, n ∈ N द्वारा द्वि-आधारी- संक्रिया * परिभाषित कीजिए।क्या संक्रिया * कर्मविनिमेय तथा साहचर्य है? - Mathematics (गणित)

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प्रश्न

प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में m * n = g.c.d (m, n), m, n ∈ N द्वारा द्वि-आधारी- संक्रिया * परिभाषित कीजिए।क्या संक्रिया * कर्मविनिमेय तथा साहचर्य है?

योग
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उत्तर

संक्रिता स्पष्टत: क्रम-विनिमेय है, क्योंकि

m * n = g.c.d (m, n) = g.c.d (n, m) = n * m ∀ m, n ∈ N

यह साहचर्य भी है, क्योंकि l, m, n ∈ N के लिए,

l * (m * n) = g. c. d (l, g.c.d (m, n))

= g.c.d. (g. c. d (l, m), n)

= (l * m) * n

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संबंध एवं फलन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: संबंध एव फलन - हल किये हुए उदाहरण [पृष्ठ ५]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
अध्याय 1 संबंध एव फलन
हल किये हुए उदाहरण | Q 11 | पृष्ठ ५

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