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मान लीजिए f: R → R, f(x) = 1x x ∈ R द्वारा परिभाषित है, तो f ______ है।

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प्रश्न

मान लीजिए f: R → R, f(x) = `1/x` x ∈ R द्वारा परिभाषित है, तो f ______ है।

पर्याय

  • एकैकी है।

  • आच्छादक है।

  • एकैकी आच्छादक है।

  • f परिभाषित नहीं है।

MCQ
रिकाम्या जागा भरा
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उत्तर

मान लीजिए f: R → R, f(x) = `1/x` x ∈ R द्वारा परिभाषित है, तो f परिभाषित नहीं है। 

व्याख्या:

हमारे पास, f(x) = `1/x` ∀ x ∈ R

x = 0 के लिए, f(x) परिभाषित नहीं है।

इसलिए, f(x) एक परिभाषित कार्य नहीं है।

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संबंध एवं फलन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: संबंध एव फलन - प्रश्नावली [पृष्ठ १५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
पाठ 1 संबंध एव फलन
प्रश्नावली | Q 37 | पृष्ठ १५

संबंधित प्रश्‍न

फलन f(x) = f(x) = `(x^2 + 2x + 1)/(x^2 - 8x + 12)` का प्रांत ज्ञात कीजिए।


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f = {(1, 3), (2, 3), (3, 2)}

g = {(1, 2), (1, 3), (3, 1)}

f तथा g में से कौन फलन है और क्यों?


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प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध R निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए:

∀ n, m ∈ N, nRm यदि n तथा में से प्रत्येक संख्या को 5 से विभाजित करने पर शेषफल 5 से कम बचता है, अर्थात, 0, 1, 2, 3 तथा 4 में से कोई एक संख्या। सिद्ध कीजिए कि R एक तुल्यता संबंध है। साथ ही R द्वारा निर्धारित युगलत: असयुंक्त उप-समुच्चयों को भी ज्ञात कीजिए।


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मान लीजिए कि N प्राकृत संख्याओं का समुच्चय है, तो a * b = a + b, ∀ a, b ∈ N द्वारा N में परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव है।


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क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।

{(a, b): a एक व्यक्ति है, b पूर्वज है a का}


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलनएकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

g(x) = |x|


मान लीजिए कि एक द्वि-आधारीय संक्रिया * Q में परिभाषित है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित द्वि-आधारी संक्रिया में से कौन-कौन सी संक्रिया क्रम-विनिमेय हैं?

a * b = a2 + b2 ∀ a, b ∈ Q


मान लीजिए कि R में द्वारा द्वि-आधारी *, a * b = 1 + ab, ∀ a, b ∈ R तो संक्रिया *


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मान लीजिए कि A = {1, 2, 3, 4, 5} में एक संबंध R = {(a, b) : |a2 - b2| <8 द्वारा परिभाषित है, तो R _______ द्वारा व्यक्त है।


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समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


फलनों का संयोजन क्रम-विनिमेय होता है।


फलनों का संयोजन साहचर्य होता है।


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