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मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है: a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2 - Mathematics (गणित)

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प्रश्न

मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = ab2

बेरीज
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उत्तर

* साहचर्य नहीं हैं क्योंकि यदि हम a = 1, b = 2 तथा c = 3 लेते हैं, तो

(a * b) * c = (1 * 2) * 3 = 4 * 3 = 4 × 9 = 36 तथा

a * (b * c) = 1 * (2 * 3) = 1 * 18 = 1 × 182 = 324

अत: (a * b) * c ≠ a * (b * c) और इसलिए * संक्रामक नहीं हैं। 

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संबंध एवं फलन
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: संबंध एव फलन - हल किये हुए उदाहरण [पृष्ठ ८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
पाठ 1 संबंध एव फलन
हल किये हुए उदाहरण | Q 16. (iv) | पृष्ठ ८

संबंधित प्रश्‍न

फलन f(x) = f(x) = `(x^2 + 2x + 1)/(x^2 - 8x + 12)` का प्रांत ज्ञात कीजिए।


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मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

 a, b ∈ Q के लिए a * b = `"ab"/4` 


मान लीजिए कि Q में परिभाषित * एक द्वि- आधारी संक्रिया है। ज्ञात कीजिए कि निम्नलिखित में से कौन-सा द्विआधारी संक्रिया साहचर्य है:

a, b ∈ Q के लिए a * b = a – b + ab


मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = sin x तथा g : R → R g (x) = x2 द्वारा परिभषित हैं, तो f o g


मान लीजिए कि f: R → R, f(x) = 3x – 4, द्वारा परिभषित हैं, तो f–1(x)


समुच्चय A = {1, 2, 3} पर विचार कीजिए तथा R, A में छोटे से छोटा तुल्यता संबंध है, तो R = ______


अवयवों वाले समुच्चय A पर विचार कीजिए। A से स्वयं A पर एकैकी आच्छादक फलनों की कुल संख्या ______ है।


मान लीजिए कि A एक परिमित समुच्चय है, तो A से स्वयं A में प्रत्येक एकैक फलन आच्छादी नहीं है।


समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं। 


क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।

{(x, y): x एक व्यक्ति है, y माँ है x की}


यदि प्रतिचित्रण f तथा g क्रमश: f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1)} तथा  g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)} द्वारा दत्त हैं, तो f o g लिखिए।


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

g = {(1, 4), (2, 4), (3, 4)}


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

k = {(1,4), (2, 5)}


एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -

एकैकी है किंतु आच्छादक नहीं है।


एक ऐसे प्रतिचित्रण का उदाहरण दीजिए जो -

न तो एकैकी है और न आच्छादक है।


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

f(x) = `x/2`


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

h(x) = x|x|


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x y किसी पूर्णाक का वर्ग है,  x, y ∈ N

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o f ज्ञात कीजिए:


Q ~ {0} में  a * b = ` (ab)/2` ∀ a, b ∈ Q ~ {0} प्रकार से परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * का (के लिए) तत्सम अवयव ______ है।


मान लीजिए कि f: R → R f(x) = 3x2 - 5 द्वारा तथा g: R → R g(x) = `x/(x^2 + 1)` द्वारा परिभाषित है, तो g o f ______ है।


मान लीजिए f: A → B तथा g: B → C एकैकी आच्छादी फलन हैं, तो (g o f)-1 ______ है।


मान लीजिए f: [0, 1] → [0, 1] f(x) =`[(x, "यदि"  x  "परिमेय है")/(1-x  "यदि"  x  "अपरिमेय है")]`

द्वारा परिभाषित है, तो (f o f) x ______ है।  


मान लीजिए कि f: R → R f(x) = tan x द्वारा दत्त है, तो f-1(1) _______ है।


मान लीजिए कि f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1) तथा g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)}। तो g o f = ______ तथा f o g = ______।


मान लीजिए कि समुच्चय A = {1, 2, 3} में परिभाषित एक संबंध R = {(3, 1), (1, 3), (3, 3), तो R सममित, संक्रामक है किंतु स्वतुल्य नहीं है।


एक पूर्णांक m एक अन्य पूर्णांक n से संबंधित कहालाता है, यदि m, एक पूर्णांकीय गुणज है n का। Z में इस प्रकार का संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक होता है।


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