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NCERT solutions for हिंदी स्पर्श भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० chapter 4 - मनुष्यता [Latest edition]

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NCERT solutions for हिंदी स्पर्श भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० chapter 4 - मनुष्यता - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 4: मनुष्यता

Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of CBSE NCERT for हिंदी स्पर्श भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १०.


प्रश्न-अभ्यास (क)प्रश्न-अभ्यास (ख)योग्यता विस्तारपरियोजना कार्यअतिरिक्त प्रश्न
प्रश्न-अभ्यास (क) [Page 22]

NCERT solutions for हिंदी स्पर्श भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० 4 मनुष्यता प्रश्न-अभ्यास (क) [Page 22]

1Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?

2Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
उदार व्यक्ति की पहचान कैसे हो सकती है?

3Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने दधीचि कर्णआदि महान व्यक्तियों का उदाहरण देकर मनुष्यता के लिए क्या संदेश दिया है?

4Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने किन पंक्तियों में यह व्यक्त किया है कि हमें गर्व-रहित जीवन व्यतीत करना चाहिए?

5Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'मनुष्य मात्र बंधु है'से आप क्या समझते हैंस्पष्ट कीजिए।

6Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा क्यों दी है?

7Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
व्यक्ति को किस प्रकार का जीवन व्यतीत करना चाहिएइस कविता के आधार पर लिखिए।

8Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'मनुष्यताकविता के माध्यम से कवि क्या संदेश देना चाहता है?

प्रश्न-अभ्यास (ख) [Page 22]

NCERT solutions for हिंदी स्पर्श भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० 4 मनुष्यता प्रश्न-अभ्यास (ख) [Page 22]

1Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
सहानुभूति चाहिएमहाविभूति है यही;
वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही।
विरुद्धवाद बुद्ध का दया-प्रवाह में बहा,
विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा?

2Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में,
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।
अनाथ कौन है यहाँत्रिलोकनाथ साथ हैं,
दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं।

3Page 22

निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,
विपत्तिविघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए।
घटे न हेलमेल हाँबढ़े न भिन्नता कभी,
अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।

योग्यता विस्तार [Page 22]

NCERT solutions for हिंदी स्पर्श भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० 4 मनुष्यता योग्यता विस्तार [Page 22]

1Page 22

अपने अध्यापक की सहायता से रंतिदेव, दधीचि, कर्ण आदि पौराणिक पात्रों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।

2Page 22

‘परोपकार’ विषय पर आधारित दो कविताओं और दो दोहों का संकलन कीजिए। उन्हें कक्षा में सुनाइए।

परियोजना कार्य [Page 23]

NCERT solutions for हिंदी स्पर्श भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० 4 मनुष्यता परियोजना कार्य [Page 23]

1Page 23

अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध’ की कविता ‘कर्मवीर’ तथा अन्य कविताओं को पढ़िए तथा कक्षा में सुनाइए।

2Page 23

भवानी प्रसाद मिश्र की ‘प्राणी वही प्राणी है’ कविता पढ़िए तथा दोनों कविताओं के भावों में व्यक्त हुई समानता को लिखिए।

अतिरिक्त प्रश्न

NCERT solutions for हिंदी स्पर्श भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० 4 मनुष्यता अतिरिक्त प्रश्न

1

‘विचार लो कि मर्त्य हो’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है? इसे सुमृत्यु कैसे बनाया जा सकता है?

2

कवि किसके जीने और मरने को एक समान बताता है?

3

“अखंड आत्मभाव भरने’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?

4

मनुष्य किसी अन्य को अनाथ समझने की भूल कब कर बैठता है?

5

हमें किसी को अनाथ क्यों नहीं समझना चाहिए?

6

उशीनर कौन थे? उनके परोपकार का वर्णन कीजिए।

7

कवि ने महाविभूति किसे कहा है और क्यों?

8

अपने लिए जीने वाला कभी मरता नहीं’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है?

9

कवि ने सफलता पाने के लिए मनुष्य को किस तरह प्रयास करने के लिए कहा है?

10

‘रहो न यों कि एक से न काम और का सरे’ के माध्यम से कवि क्या सीख देना चाहता है?

11

‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने मनुष्य के किस कृत्य को अनर्थ कहा है और क्यों ?

12

‘मनुष्यता’ कविता की वर्तमान में प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।

13

‘मनुष्यता’ कविता में वर्णित उशीनर, दधीचि और कर्ण के उन कार्यों का उल्लेख कीजिए जिससे वे मनुष्य को मनुष्यता की राह दिखा गए।

Solutions for 4: मनुष्यता

प्रश्न-अभ्यास (क)प्रश्न-अभ्यास (ख)योग्यता विस्तारपरियोजना कार्यअतिरिक्त प्रश्न
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NCERT solutions for हिंदी स्पर्श भाग २ [अंग्रेजी] कक्षा १० chapter 4 - मनुष्यता

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