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मनुष्य किसी अन्य को अनाथ समझने की भूल कब कर बैठता है?

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प्रश्न

हमें किसी को अनाथ क्यों नहीं समझना चाहिए?

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उत्तर

हमें किसी को इसलिए अनाथ नहीं समझना चाहिए क्योंकि जिस ईश्वर से शक्ति और बल पाकर हम स्वयं को सनाथ समझते हुए दूसरों को अनाथ समझते हैं वही ईश्वर दूसरों की मदद के लिए भी तैयार रहता है। उसके लंबे हाथ मदद के लिए सदैव आगे बढ़े रहते हैं। वह अपनी अपार शक्ति से सदा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहता है, इसलिए हमें दूसरों को अनाथ नहीं समझना चाहिए।

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मनुष्यता
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