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प्रश्न
क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 4 cm, 3 cm और 7 cm लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
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उत्तर
नहीं, भुजाओं की लंबाई 4 सेमी, 3 सेमी और 7 सेमी के साथ एक त्रिभुज की रचना करना संभव नहीं है क्योंकि यहाँ हम देखते हैं कि दो भुजाओं की लंबाई का योग तीसरी भुजा के बराबर है, अर्थात 4 + 3 = 7।
जैसा कि हम जानते हैं कि, त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं का योग उसकी तीसरी भुजा से अधिक होता है, इसलिए दिया गया कथन सही नहीं है।
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ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें ∠A = 90° और AB = AC है। ∠B और ∠C ज्ञात कीजिए।
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निम्नलिखित आकृति में, l || m है तथा M रेखाखंड AB का मध्य-बिंदु है। दर्शाइए कि M किसी भी रेखाखंड CD का मध्य-बिंदु है जिसके अंत:बिंदु क्रमश : l और m पर स्थित है।

एक समतल दर्पण LM के सम्मुख स्थित बिंदु A पर रखी किसी वस्तु का प्रतिबिम्ब एक प्रेक्षक D से बिंदु B पर देखता है, जैसा कि निम्नलिखित आकृति में दर्शाया गया है। सिद्ध कीजिए कि यह प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर है जितनी दूरी पर वह वस्तु दर्पण के सम्मुख है।
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AB = AC वाला ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है तथा D भुजा BC पर इस प्रकार स्थित है कि AD ⊥ BC है। (आकृति)। ∠BAD = ∠CAD सिद्ध करने के लिए, किसी विद्यार्थी ने निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई :

∆ABD और ∆ACD में,
AB = AC (दिया है)
∠B = ∠C (क्योंकि AB = AC)
तथा ∠ADB = ∠ADC (प्रत्येक 90°)
अतः, ∆ABD ≅ ∆ACD (AAS)
इसलिए, ∠BAD = ∠CAD (CPCT)
उपरोक्त तर्कणों में क्या कमी है?
[संकेत : याद कीजिए कि जब AB = AC हो, तो ∠B = ∠C को कैसे सिद्ध किया जाता है।]
ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है। ∠A का समद्विभाजक BC से D पर मिलता है। सिद्ध कीजिए कि BC = 2AD है।
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दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा P बिंदु O से होकर जाने वाली रेखा n पर स्थित कोई बिंदु इस प्रकार है कि P रेखाओं l और m से समदूरस्थ है। सिद्ध कीजिए कि n रेखाओं l और m के बीच बनने वाले कोण का समद्विभाजक है।
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