Advertisements
Advertisements
प्रश्न
“यदि किसी त्रिभुज की दो भुजाएँ और एक कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और एक कोण के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज अवश्य ही सर्वांगसम होने चाहिए।” क्या यह कथन सत्य है? क्यों?
विकल्प
सत्य
असत्य
Advertisements
उत्तर
यह कथन असत्य है।
स्पष्टीकरण -
क्योंकि सर्वांगसम नियम में, एक त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण दूसरे त्रिभुज की दो भुजाओं और उनके बीच का कोण, यानी SAS नियम के बराबर होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
एक समकोण त्रिभुज ABC में, जिसमें कोण C समकोण है, M कर्ण AB का मध्य-बिंदु है। C को M से मिलाकर D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि DM = CM है। बिंदु D को बिंदु B से मिला दिया जाता है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि:
- △AMC ≌ △BMD
- ∠DBC एक समकोण है।
- △DBC ≌ △ACB
- CM = `1/2` AB

- ∆ABM ≅ ∆PQN
- ∆ABC ≅ ∆PQR

ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसमें AB = AC है। AP ⊥ BC खींच कर दर्शाइए कि ∠B = ∠C है।
∆ABC ≅ ∆RPQ दिया हुआ है। क्या यह कहना सत्य है कि BC = QR है? क्यों?
AD किसी त्रिभुज ABC की एक माध्यिका है। क्या यह कहना सत्य है कि AB + BC + CA > 2AD है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
M किसी त्रिभुज ABC की भुजा BC पर स्थित एक बिंदु ऐसा है कि AM कोण BAC का समद्विभाजक है। क्या यह कहना सत्य है कि त्रिभुज का परिमाप 2 AM से अधिक है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 8 cm, 7 cm और 4 cm लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
निम्नलिखित आकृति में, l || m है तथा M रेखाखंड AB का मध्य-बिंदु है। दर्शाइए कि M किसी भी रेखाखंड CD का मध्य-बिंदु है जिसके अंत:बिंदु क्रमश : l और m पर स्थित है।

दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा P बिंदु O से होकर जाने वाली रेखा n पर स्थित कोई बिंदु इस प्रकार है कि P रेखाओं l और m से समदूरस्थ है। सिद्ध कीजिए कि n रेखाओं l और m के बीच बनने वाले कोण का समद्विभाजक है।
ABCD एक चतुर्भुज इस प्रकार है कि विकर्ण AC दोनों कोणों A और C का समद्विभाजक है। सिद्ध कीजिए कि AB = AD और CB = CD है।
