हिंदी

एक साहुल निम्नलिखित का संयोजन है:

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

एक साहुल निम्नलिखित का संयोजन है:

विकल्प

  • एक शंकु और एक बेलन

  • एक अर्धगोला और एक शंकु

  • शंकु का छिन्नक और एक बेलन

  • गोला और बेलन

MCQ
Advertisements

उत्तर

एक अर्धगोला और एक शंकु

स्पष्टीकरण:


प्लम्बलाइन का ऊपरी भाग = अर्धगोलाकार

प्लम्बलाइन का निचला भाग = शंक्वाकार

इसलिए, यह गोलार्ध और शंकु का एक संयोजन है।

shaalaa.com
ठोसों के संयोजन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन - प्रश्नावली 12.1 [पृष्ठ १४०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 10
अध्याय 12 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
प्रश्नावली 12.1 | Q 3. | पृष्ठ १४०

संबंधित प्रश्न

कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और व्यास क्रमश: 2.1 मी और 4 मी है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 मी है तो इस तंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवस का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। साथ ही, 500 रु प्रति वर्ग मी2 की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवस की लागत ज्ञात कीजिए। (ध्यान दें कि तम्बू का आधार कैनवास से ढका नहीं होगा।)

[उपयोग π = `22/7`]


लकड़ी के एक ठोस बेलन के प्रत्येक सिरे पर एक अर्धगोला खोदकर निकालते हुए, एक वस्तु बनाई गई है, जैसा की आकृति में दिखाया गया है। यदि बेलन की ऊँचाई 10 सेमी है और आधार की त्रिज्या 3.5 सेमी है तो इस वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। [उपयोग π = `22/7`]


विमाओं 49 cm × 33 cm × 24 cm के घनाभ के आकार के लोहे के किसी ठोस टुकड़े को पिघलाकर एक ठोस गोले के रूप में ढाला जाता है। गोले की त्रिज्या ______ है।


तिर्यक ऊँचाई 45 cm वाली एक बाल्टी के ऊपरी और निचले सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 28 cm और 7 cm हैं। इस बाल्टी का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ______ है।


एक ही आधार त्रिज्या r वाले दो ठोस अर्धगोलों को उनके आधारों के अनुदिश जोड़ दिया गया है। तब नये ठोस का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ______ है।


दो गोलों के आयतनों का अनुपात 64 : 27 है। उनके पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात ______ है।


त्रिज्या r और ऊचाई h वाले एक बेलन को उसी ऊँचाई और त्रिज्या वाले बेलन के ऊपर रख दिया जाता है। इस प्रकार बने आकार का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πrh + 4πr2 है।


त्रिज्या r और ऊँचाई h वाले एक ठोस शंकु को उसी आधार त्रिज्या और ऊँचाई वाले एक ठोस बेलन के ऊपर रखा जाता है, जो शंकु की हैं। संयोजित ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल `pir[sqrt(r^2 + h^2) + 3r + 2h]` है।


एक बेलनाकार बर्तन, जिसकी तली में अर्धगोलाकार भाग आकृति में दर्शाए अनुसार ऊपर की ओर उठा हुआ है, की धारिता `(πr^2)/3[3h - 2r]` है।


दो सर्वसम घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन 64cm3 है, को सिरे से सिरा मिला कर जोड़ा जाता है। इस प्रकार प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल क्या है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×