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गिल्ली-डंडे के खेल में, गिल्ली का आकार निम्नलिखित का संयोजन है-

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प्रश्न

गिल्ली-डंडे के खेल में, गिल्ली का आकार निम्नलिखित का संयोजन है-

विकल्प

  • दो बेलन

  • एक शंकु और एक बेलन

  • दो शंकु और एक बेलन

  • दो बेलन और एक शंकु

MCQ
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उत्तर

दो शंकु और एक बेलन

स्पष्टीकरण:


गिल्ली का बायां और दायां भाग = शंक्वाकार

गिल्ली का मध्य भाग = बेलनाकार

shaalaa.com
ठोसों के संयोजन का पृष्ठीय क्षेत्रफल
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन - प्रश्नावली 12.1 [पृष्ठ १४१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 10
अध्याय 12 पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
प्रश्नावली 12.1 | Q 5. | पृष्ठ १४१

संबंधित प्रश्न

दवा का एक कैप्सूल एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरों पर एक - एक अर्धगोला लगा हुआ है। पूरे कैप्सूल की लंबाई 14 मिमी है और उसका व्यास 5 मिमी है। इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।   [उपयोग `pi = 22/7`]


कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु अध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और व्यास क्रमश: 2.1 मी और 4 मी है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 मी है तो इस तंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवस का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। साथ ही, 500 रु प्रति वर्ग मी2 की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवस की लागत ज्ञात कीजिए। (ध्यान दें कि तम्बू का आधार कैनवास से ढका नहीं होगा।)

[उपयोग π = `22/7`]


ऊँचाई 2.4 सेमी और व्यास 1.4 सेमी वाले एक ठोस बेलन में से इसी ऊँचाई और इसी व्यास वाला एक शंक्वाकार खोल काट लिया जाता है। शेष बचे ठोस का निकटम वर्ग सेंटीमीटर तक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।  

[उपयोग π = `22/7`]


एक साहुल निम्नलिखित का संयोजन है:


तिर्यक ऊँचाई 45 cm वाली एक बाल्टी के ऊपरी और निचले सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 28 cm और 7 cm हैं। इस बाल्टी का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ______ है।


दो गोलों के आयतनों का अनुपात 64 : 27 है। उनके पृष्ठीय क्षेत्रफलों का अनुपात ______ है।


समान आधार त्रिज्या r वाले दो सर्वसम ठोस अर्धगोलों को उनके आधारों के अनुदिश जोड़ दिया गया है। इस संयोजन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 6πr2 है।


त्रिज्या r और ऊचाई h वाले एक बेलन को उसी ऊँचाई और त्रिज्या वाले बेलन के ऊपर रख दिया जाता है। इस प्रकार बने आकार का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 4πrh + 4πr2 है।


त्रिज्या r और ऊँचाई h वाले एक ठोस शंकु को उसी आधार त्रिज्या और ऊँचाई वाले एक ठोस बेलन के ऊपर रखा जाता है, जो शंकु की हैं। संयोजित ठोस का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल `pir[sqrt(r^2 + h^2) + 3r + 2h]` है।


एक बेलनाकार बर्तन, जिसकी तली में अर्धगोलाकार भाग आकृति में दर्शाए अनुसार ऊपर की ओर उठा हुआ है, की धारिता `(πr^2)/3[3h - 2r]` है।


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