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AB = AC वाले एक समद्विबाहु त्रिभुज के कोणों B और C के समद्विभाजक परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं। BO को एक बिंदु M तक बढ़ाया जाता है। सिद्ध कीजिए कि ∠MOC = ∠ABC है।

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प्रश्न

AB = AC वाले एक समद्विबाहु त्रिभुज के कोणों B और C के समद्विभाजक परस्पर O पर प्रतिच्छेद करते हैं। BO को एक बिंदु M तक बढ़ाया जाता है। सिद्ध कीजिए कि ∠MOC = ∠ABC है।

योग
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उत्तर

प्रश्न में दिया गया है, AB = AC वाले समद्विबाहु त्रिभुज ABC के कोण B और C के समद्विभाजक एक दूसरे को O पर काटते हैं। अब BO को बिंदु M तक बढ़ाया गया है।


त्रिभुज ABC में,

AB = AC  

∠ABC = ∠ACB   ...[त्रिभुज की समान भुजाओं के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।]

`1/2 ∠ABC = 1/2 ∠ACB`

अर्थात् ∠1 = ∠2  ...[चूँकि, BO और CO ∠B और ∠C के समद्विभाजक हैं।]

त्रिभुज OBC में,

बाहरी ∠MOC = ∠1 + ∠2  ...[त्रिभुज का बाह्य कोण आंतरिक विपरीत कोणों के योग के बराबर होता है।]

बाहरी ∠MOC = 2∠1  ...[∠1 = ∠2]

अतः, ∠MOC = ∠ABC

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त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कुछ और कसौटियाँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: त्रिभुज - प्रश्नावली 7.3 [पृष्ठ ६७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 9
अध्याय 7 त्रिभुज
प्रश्नावली 7.3 | Q 9. | पृष्ठ ६७

संबंधित प्रश्न

एक समकोण त्रिभुज ABC में, जिसमें कोण C समकोण है, M कर्ण AB का मध्य-बिंदु है। C को M से मिलाकर D तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि DM = CM है। बिंदु D को बिंदु B से मिला दिया जाता है (देखिए आकृति)। दर्शाइए कि:

  1. △AMC ≌ △BMD
  2. ∠DBC एक समकोण है।
  3. △DBC ≌ △ACB
  4. CM = `1/2` AB


△ABC और △DBC एक ही आधार BC पर बने दो समद्विबाहु त्रिभुज इस प्रकार हैं कि A और D भुजा BC के एक ही ओर स्थित हैं (देखिए आकृति)। यदि AD बढ़ाने पर BC को P पर प्रतिच्छेद करे, तो दर्शाइए कि:

  1. △ABD ≌ △ACD
  2. △ABP ≌ △ACP
  3. AP कोण A और कोण D दोनों को समद्विभाजित करता है।
  4. AP रेखाखंड BC का लम्ब समद्विभाजक है।


AD किसी त्रिभुज ABC की एक माध्यिका है। क्या यह कहना सत्य है कि AB + BC + CA > 2AD है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।


क्या भुजाओं की लंबाइयाँ 9 cm, 7 cm और 17 cm लेकर किसी त्रिभुज की रचना की जा सकती है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।


AB = AC वाला ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है तथा D भुजा BC पर इस प्रकार स्थित है कि AD ⊥ BC है। (आकृति)। ∠BAD = ∠CAD सिद्ध करने के लिए, किसी विद्यार्थी ने निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाई :


∆ABD और ∆ACD में,

AB = AC (दिया है)

∠B = ∠C  (क्योंकि AB = AC)

तथा ∠ADB = ∠ADC (प्रत्येक 90°)

अतः, ∆ABD ≅ ∆ACD (AAS)

इसलिए, ∠BAD = ∠CAD (CPCT)

उपरोक्त तर्कणों में क्या कमी है?

[संकेत : याद कीजिए कि जब AB = AC हो, तो ∠B = ∠C को कैसे सिद्ध किया जाता है।]


ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें AC = BC है। AD और BE क्रमश : BC और AC पर शीर्षलंब हैं। सिद्ध कीजिए कि AE = BD है।


दो रेखाएँ l और m बिंदु O पर प्रतिच्छेद करती हैं तथा P बिंदु O से होकर जाने वाली रेखा n पर स्थित कोई बिंदु इस प्रकार है कि P रेखाओं l और m से समदूरस्थ है। सिद्ध कीजिए कि n रेखाओं l और m के बीच बनने वाले कोण का समद्विभाजक है।


ABCD एक चतुर्भुज इस प्रकार है कि विकर्ण AC दोनों कोणों A और C का समद्विभाजक है। सिद्ध कीजिए कि AB = AD और CB = CD है।


ABC एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें AB = AC है तथा ∠C का समद्विभाजक भुजा AB को D पर प्रतिच्छेद करता है। सिद्ध कीजिए कि AC + AD = BC है। 


AB और CD क्रमश : एक चतुर्भुज ABCD की सबसे छोटी और सबसे बड़ी भुजाएं हैं। ∠B और ∠D में से निश्चित कीजिए कि कौन बड़ा हैं।


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