English

Commerce (English Medium) Class 12 - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Elective)

Advertisements
Subjects
Topics
Subjects
Popular subjects
Topics
Advertisements
Advertisements
Hindi (Elective)
< prev  41 to 60 of 484  next > 

'आकाश बदल कर बना मही' में 'आकाश' और 'मही' शब्द किसकी ओर संकेत करते हैं?

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

सरोज का विवाह अन्य विवाहों से किस प्रकार भिन्न था?

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

'वह लता वहीं की, जहाँ कली तू खिली' पंक्ति के द्वारा किस प्रसंग को उद्घाटित किया गया है?

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए -

नत नयनों से लोक उतर

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए -

श्रृंगार रहा जो निराकार

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए -

पर पाठ अन्य यह, अन्य कला

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए-

यदि धर्म, रहे नत सदा माथ

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

'सरोज स्मृति' पूरी पढ़कर आम आदमी के जीवन-संघर्षों पर चर्चा कीजिए।

[2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Chapter: [2] सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' : सरोज स्मृति
Concept: undefined >> undefined

'दीप अकेला' के प्रतीकार्थ को स्पष्ट करते हुए बताइए कि उसे कवि ने स्नेह भरा, गर्व भरा एवं मदमाता क्यों कहा है?

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

यह दीप अकेला है 'पर इसको भी पंक्ति को दे दो' के आधार पर व्यष्टि का समिष्ट में विलय क्यों और कैसे संभव है?

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

'गीत' और 'मोती' की सार्थकता किससे जुड़ी है?

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

'यह अद्वितीय-यह मेरा-यह मैं स्वयं विसर्जित'- पंक्ति के आधार पर व्यष्टि के समष्टि में विसर्जन की उपयोगिता बताइए।

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

'यह मधु है ....... तकता निर्भय'- पंक्तियों के आधार पर बताइए कि 'मधु', 'गोरस' और 'अंकुर' को क्या विशेषता हैं?

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
'यह प्रकृत, स्वयंभू  ......... शक्ति को दे दो।'

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

'यह सदा-द्रवित, चिर-जागरूक .......... चिर-अखंड अपनापा।'

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

'जिज्ञासु, प्रबुद्ध, सदा श्रद्धामय, इसको भक्ति को दे दो।'

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

'यह दीप अकेला' एक प्रयोगवादी कविता है। इस कविता के आधार पर 'लघु मानव' के अस्तित्व और महत्व पर प्रकाश डालिए।

[3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Chapter: [3] सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' : यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
Concept: undefined >> undefined

बनारस में वसंत का आगमन कैसे होता है और उसका क्या प्रभाव इस शहर पर पड़ता है?

[4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Chapter: [4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Concept: undefined >> undefined

'खाली कटोरों में वसंत का उतरना' से क्या आशय है?

[4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Chapter: [4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Concept: undefined >> undefined

बनारस की पूर्णता और रिक्तता को कवि ने किस प्रकार दिखाया है?

[4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Chapter: [4] केदारनाथ सिंह : बनारस, दिशा
Concept: undefined >> undefined
< prev  41 to 60 of 484  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×