English

निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए- श्रृंगार रहा जो निराकार - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए -

श्रृंगार रहा जो निराकार

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

इसका अर्थ है; ऐसा श्रृंगार जो बिना आकार के हो। कवि के अनुसार इस प्रकार का श्रृंगार ही रचनाओं में अपना प्रभाव छोड़ पाता है। कवि ने अपने द्वारा लिखी श्रृंगार रचनाओं में जिस सौंदर्य को अभिव्यक्त किया था, वह उन्हें नववधू बनी पुत्री के सौंदर्य में साकार होता दिखाई दिया।

shaalaa.com
सरोज स्मृति
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

सरोज के नव-वधू रूप का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


कवि को अपनी स्वर्गीया पत्नी की याद क्यों आई?


'आकाश बदल कर बना मही' में 'आकाश' और 'मही' शब्द किसकी ओर संकेत करते हैं?


सरोज का विवाह अन्य विवाहों से किस प्रकार भिन्न था?


'वह लता वहीं की, जहाँ कली तू खिली' पंक्ति के द्वारा किस प्रसंग को उद्घाटित किया गया है?


निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए -

नत नयनों से लोक उतर


निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए -

पर पाठ अन्य यह, अन्य कला


निम्नलिखित पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए-

यदि धर्म, रहे नत सदा माथ


'सरोज स्मृति' पूरी पढ़कर आम आदमी के जीवन-संघर्षों पर चर्चा कीजिए।


‘मुझे भाग्यहीन की तू संबल’ निराला की यह पंक्ति क्या ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे कार्यक्रम की माँग करती है।


निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनिए - 

भर जलद धरा को ज्यों अपार;
वे ही सुख-दुख में रहे न्यस्त,
तेरे हित सदा समस्त व्यस्त;
वह लता वहीं की, जहाँ कली
तू खिली, स्नेह से हिली, पली,
अंत भी उसी गोद में शरण
ली, मूँदे दृग वर महामरण!

मुझ भाग्यहीन की तू संबल
युग वर्ष बाद जब हुई विकल,
दुख ही जीवन की कथा रही
क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!
हो इसी कर्म पर वज्रपात 
यदि धर्म, रहे नत सदा माथ।

(1) ‘भर जलद धरा को ज्यों अपार’ पंक्ति द्वारा प्रतिपादित किया गया है - (1)

(क) वैमनस्य
(ख) अनुभव
(ग) स्नेह
(घ) प्रकाश

(2) कवि स्वयं को भाग्यहीन कहकर क्या सिद्ध करना चाहते हैं? (1)

(क) मनचाही प्रसिद्धि न मिलना
(ख) सरोज की आर्थिक दशा
(ग) सरोज ही एकमात्र सहारा
(घ) पारिवारिक सदस्यों से बिछोह

(3) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (1)

  1. कवि सरोज को शकुंतला के समान मानते थे।
  2. पुत्री सरोज की मृत्यु असमय हो गई थी।
  3. सरोज की मृत्यु अपनी ससुराल में हुई थी।

इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -

(क) केवल (i)
(ख) (ii) और (iii)
(ग) केवल (ii)
(घ) (ii) और (iii)

(4) ‘हो इसी कर्म पर वज्रपात’ के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं कि वह - (1)

(क) कष्टदायक जीवन के बाद धार्मिक बन रहे हैं।
(ख) मस्तक पर वज्रपात सहने का साहस कर रहे हैं।
(ग) समस्त जीवन दुख में ही व्यतीत करते रहे हैं।
(घ) प्रतिकूलताओं के आगे आत्मसमर्पण कर रहे हैं।

(5) दुख ही जीवन की कथा रही के माध्यम से प्रकट हो रही है - (1)

(क) शैशवावस्था
(ख) वृदूधावस्था
(ग) वियोगावस्था
(घ) विश्लेषणावस्था

(6) ‘क्या कहूँ आज, जो नहीं कही!’
पंक्ति के माध्यम से कवि की स्वाभाविक विशेषता बताने के लिए सूक्ति कहीं जा सकती है - (1)

(क) पर उपदेश कुशल बहुतेरे
(ख) बिथा मन ही राखो गोय
(ग) मुझसे बुरा न कोय
(घ) मन के हारे हार है


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×