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'यह दीप अकेला' एक प्रयोगवादी कविता है। इस कविता के आधार पर 'लघु मानव' के अस्तित्व और महत्व पर प्रकाश डालिए।

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Question

'यह दीप अकेला' एक प्रयोगवादी कविता है। इस कविता के आधार पर 'लघु मानव' के अस्तित्व और महत्व पर प्रकाश डालिए।

Short/Brief Note
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Solution

प्रस्तुत कविता में कवि ने दीपक की विशेषता बताई है। वह अकेला जलता है। इसके बाद भी वह स्नेह से युक्त है, उसमें गर्व विद्यमान है। उसका व्यक्तित्व इतना विशाल है कि अकेले में भी अपने को सार्थकता प्रदान कर रहा है। उसमें विद्यमान गुण समाज के लिए बहुत आवश्यक हैं। आवश्यकता पड़ने पर वह अपना सर्वस्व समाज के लिए दे सकता है। वह नहीं चाहता कि कोई आत्मत्याग के लिए उस पर दबाव डाले। वह इसे अपनी स्वेच्छा से करने के हक में है। 

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यह दीप अकेला
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Chapter 1.03: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' (यह दिप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद) - प्रश्न-अभ्यास [Page 7]

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NCERT Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
Chapter 1.03 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' (यह दिप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद)
प्रश्न-अभ्यास | Q 7. | Page 7

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'दीप अकेला' के प्रतीकार्थ को स्पष्ट करते हुए बताइए कि उसे कवि ने स्नेह भरा, गर्व भरा एवं मदमाता क्यों कहा है?


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भाव-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

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