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'गीत' और 'मोती' की सार्थकता किससे जुड़ी है?

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Question

'गीत' और 'मोती' की सार्थकता किससे जुड़ी है?

Answer in Brief
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Solution

गीत तभी सार्थक है, जब वह गायन से जुड़ा हुआ है और मोती तभी सार्थक है, जब गोताखोर उसे बाहर निकाल लाए। गीत को जब तक गाया नहीं जाएगा, तब तक उसकी सार्थकता निरर्थक है। पन्ने में लिखा गीत अपनी पहचान नहीं बना सकता है। जब लोगों द्वारा गाया जाएगा, तभी उसे पहचाना जाएगा। तभी वह सार्थक कहलाएगा।
ऐसे ही मोती को यदि कोई गोताखोर समुद्र की गहराई से निकालकर बाहर नहीं लाएगा, उसे कोई नहीं पहचान पाएगा। समुद्र की गोद में कितने ही मोती विद्यमान होंगे। वह बाहर नहीं लाए गए हैं। अतः उन्हें कोई नहीं पहचानता है। वे समुद्र तल में निरर्थक ही हैं।

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यह दीप अकेला
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Chapter 1.03: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' - यह दिप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद - प्रश्न-अभ्यास [Page 17]

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NCERT Hindi Antara Bhag 2 Class 12
Chapter 1.03 सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' - यह दिप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | Page 17

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