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निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए:

Concept: विज्ञापन लेखन
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
फटी पुस्तक की आत्मकथा
Concept: निबंध लेखन
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
पर्यावरण सुरक्षा में पक्षियों की भूमिका
Concept: निबंध लेखन
पूनम/पोषण ठाकरे, 117, इंद्रप्रस्थ निवास, अमरावती से नागपुर, गया नगर में रहने वाले अपने छोटे भाई अविनाश ठाकरे को राष्ट्रभाषा हिंदी परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु मार्गदर्शन पर पत्र लिखती/लिखता है।
Concept: पत्रलेखन
प्रगति हिंदी विद्यालय, बारामती में मनाए गए 'शिक्षक दिवस' समारोह का 70 से 80 शब्दों में वुत्तांत लेखन कीजिये:
(वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना अनिवार्य है।)
Concept: वृत्तांत लेखन
कावेरी/कार्तिक पाटील, युवा नगर, लातूर से शिवाजी हिंदी विद्यालय के लिए खेल सामग्री मँगाने हेतु मा. व्यवस्थापक, कृष्णा स्पोर्ट्स, चिचवड, पुणे को पत्र लिखती/लिखता है।
Concept: पत्रलेखन
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए :
एक शरारती लड़का - पढ़ाई की ओर ध्यान नहीं - माता-पिता, गुरुजनों का समझाना - कोई असर नहीं - परीक्षा में अनुत्तीर्ण - माता-पिता का फटकारना - घर छोड़ना - निराश होकर पहाड़ी मंदिर में पहुँचना -दीवार पर एक चींटी को दाना पकड़कर चढ़ते हुए देखना - कई बार गिरकर चढ़ना, चढ़कर गिरना - हिम्मत न हारना - आखिर चढ़ने में सफल - प्रेरणा पाना - उत्साह बढ़ना - घर आकर पढ़ाई में जुट जाना -आगे चलकर बड़ा विद्वान बनना।
Concept: कहानी लेखन
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
वनों का महत्व
Concept: निबंध लेखन
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
सैनिक की आत्मकथा
Concept: निबंध लेखन
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
आने वाली महिला की तबीयत थोड़ी खराब थी और पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उनका इलाज होना था। चूँकि वह मेरी बुआ जी को जानते थे और बुआ जी के छोटे भाई का परिवार पटना में था इसलिए ये तो सोचने की बात नहीं थी कि वह कहाँ रहेंगे। वह बिना किसी पूर्व सूचना के हमारे घर पहुँच गए थे। उनकी ट्रेन तो शाम को थी, लेकिन ट्रेन के टाइम से न चलने का बुरा कौन मानता है। ट्रेन पाँच घंटे लेट पहुँची थी और हमारे वह मेहमान बिना खाए-पिए आधी रात में हमारे घर पहुँच गए थे। फटाफट खाना बना। सोने का जुगाड़ हुआ। वे कोई सप्ताह भर हमारे घर रहे। हम खूब घूल-मिल गए। हम रोज ठहाके लगाते, साथ खाते और पूरी मस्ती करते। ऐसा लग रहा था, मानो हम सदियों से एक-दूसरे को जानते हों। बुआ जी ने तिल की मिठाई भेजी थी। दिल्ली में उसे गजक कहते हैं, हमारे यहाँ सब तिलकुंट कहते थे। हम सबने तिल और गुड़ की उस मिठाई को खूब मजे लेकर खाया। हमारी बुआ जी सारे संसार का ख्याल रखती थीं और भाई-भतीजों में तो उनकी आत्मा ही बसती थी। उन्होंने अपने परिचित भेज दिए, हमने उन्हें रिश्तेदार बना लिया। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए: (2)
(i)

(ii)

(2) उत्तर लिखिए: (2)
- बुआ जी की आत्मा बसती थी - .....................
- आने वाली महिला की तबीयत थी - .....................
- बुआ जी खयाल रखती थीं - .....................
- अतिथि लेखक के घर रहे - .....................
(3) ‘संयुक्त परिवार’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (3)
Concept: अपठित गद्यांश
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| आकाश में बिजली की कौंधें बीच-बीच में लपक उठती थीं। बादलों की गड़गड़ाहट सुनकर रामबोला को लगा कि मानों चैनसिंह ठाकुर अपने हलवाहा को डॉट रहे हैं। रामबोला अनायास ही ताव में आ गया। उठा और फिर नये श्रम की साधना में लग गया। दूसरे छप्पर के ढीले पड़ गए अंजर-पंजर को कसने के 'लिए पास ही खलार में उगी लंबी घास-पतवार उखाड़ लाया। रामबोला ने भिखारी बस्ती के और लोगों को जैसे घास बैँटकर रस्सी बनाते देखा था; वैसे ही बैंटने लगा। जैसे-तैसे रस्सियाँ बैंटी, जस-तस टट्टर बाँधा। अब जो उसकी आधी से अधिक उधड़ी हुई छावन पर ध्यान गया तो नन्हे मन के उत्साह को फिर' काठ मार गया। घास-फूस, ज्यौनारों में जूठन के साथ-साथ बाहर फेंकी गई पत्तलों और चिथड़े-गुदड़ों से 'बनाई गई वह छोटी -सी छपरिया फिर से छानें के लिए वह सामान कहाँ से जुटाए? हवा दूवारा उड़ाए हुए.माल वह इस बरसात में कहाँ-कहाँ ढूँढ़ैगा। दैव आज प्रलय की बरखा करके ही दम लेंगे। हवा के मारे औरों के छप्पर भी पेंगें ले रहे हैं। |
(1) लिखिए: (2)
|
गद्यांश में उल्लिखित प्राकृतिक घटक |
| ↓ |
| ____________ |
| ____________ |
| ____________ |
| ____________ |
(2) लिखिए:
(i) एक शब्द में उत्तर लिखिए : (1)
- हलवाहा को डाँटने वाला - ____________
- अनायास ही ताव में आने वाला - ____________
(ii) विशेषता लिखिए : (1)
- बिजली - ______
- बादल - ______
(3) 'विनाश और निर्माण प्रकृति के नियम हैं' इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (3)
Concept: अपठित गद्यांश
निम्नलिखित अपठित गदूयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
अब अकेला बैल किस काम का? उसका जोड़ बहुत ढूँढ़ा गया, पर न मिला। निदान यह सलाह ठहरी कि इसे बेच डालना चाहिये। गाँव में एक समझू साहु थे, वह इकका गाड़ी हाँकते थे। गाँव के गुड़, घी लाद कर मंडी ले जाते, मंडी से तेल, नमक भर लाते और गाँव में बेचते। इस बैल पर उनका मन लहराया। उन्होंने सोचा, यह बैल हाथ लगे तो दिनभर में बेखटके तीन खेप हों। आजकल तो एक ही खेप में लाले पड़े रहते हैं। बैल देखा, गाड़ी में दौड़ाया, बाल-भौंरी की पहचान करायी, मोल-तोल किया और उसे लाकर दूवार पर बाँध ही दिया। एक महीने में दाम चुकाने का वादा ठहरा। चौधरी को भी गरज थी ही, घाटे की परवाह न की। समझू साहु ने नया बेल पाया, तो लगे उसे रगेदने। वह दिन में तीन-तीन, चार-चार खेपें करने लगे। न चारे की फिक्र थी, न पानी की, बस खेपों से काम था। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए - (2)

(2) लिखिए - (2)
बैल को देखकर समझू ने यह किया :
- ____________
- ____________
- ____________
- ____________
(3) 'हमारे अन्नदाता किसान' इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: अपठित गद्यांश
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| अंजुना बीच नीले पानीवाला, पथरीला बहुत ही खूबसूरत हैं। इसके एक ओर लंबी-सी पहाड़ी है, जहाँ से बीच का मनोरम दृश्य देखा जा सकता है। समुद्र तक जाने के लिए थोड़ा नीचे उतरना पड़ता है। नीला पानी काले पत्थरों पर पछाड़ खाता रहता है। पानी ने काट-काटकर इन पत्थरों में कई छेद कर दिए हैं जिससे ये पत्थर कमजोर भी हो गए हैं। साथ ही समुद्र के काफी पीछे हट जाने से कई पत्थरों के बीच में पानी भर गया है। इससे वहाँ काई ने अपना घर बना लिया है। फिसलने का डर हमेशा लगा रहता है, लेकिन संघर्षों में ही जीवन है, इसलिए यहाँ घूमने का भी अपना अलग आनंद है। यहाँ युवाओं का दल तो अपनी मस्ती में डूबा रहता है, लेकिन परिवार के साथ आए पर्यटकों का ध्यान अपने बच्चों को खतरों से सावधान रहने के दिशानिर्देश देने में ही लगा रहता है। मैंने देखा कि समुद्र किनारा होते हुए भी बेनालियम बीच तथा अंजुना बीच का अपना-अपना सौंदर्य है। बेनालियम बीच रेतीला तथा उथला है। यह मछुआरों की पहली पसंद है। |
(1) विशेषताएँ लिखिए: (2)
| अंजुना बीच | बेनालियम बीच |
| (i) ______ | (i) ______ |
| (ii) ______ | (ii) ______ |
(2) निम्नलिखित विधान सही अथवा गलत पहचानकर लिखिए: (2)
- पानी ने काट-काटकर इन पत्थरों में कई छेद नहीं कर दिए हैं।
- समुद्र तक जाने के लिए थोड़ा नीचे उतरना पड़ता है।
- बेनालियम बीच नीले पानीवाला है।
- अंजुना बीच पर फिसलने का डर हमेशा लगा रहता है।
(3) ‘संघर्षों में ही जीवन है’- इस विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Concept: अपठित गद्यांश
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
| स्वाधीन भारत में अभी तक अंग्रेजी हवाओं में कुछ लोग यह कहते मिलेंगे – जब तक विज्ञान और तकनीकी ग्रंथ हिंदी में न हो तब तक कैसे हिंदी में शिक्षा दी जाए। जब कि स्वामी श्रद्धानंद स्वाधीनता से भी चालीस साल पहले गुरुकुल काँगड़ी में हिंदी के माध्यम से विज्ञान जैसे गहन विषयों की शिक्षा दे रहे थे। ग्रंथ भी हिंदी में थे और पढ़ाने वाले भी हिंदी के थे। जहाँ चाह होती है वहीं राह निकलती है। एक लंबे अरसे तक अंग्रेज गुरुकुल काँगड़ी को भी राष्ट्रीय आंदोलन का अभिन्न अंग मानते रहे। इसमें कोई संदेह भी नहीं कि गुरुकुल के स्नातकों में स्वाधीनता की अजीब तड़प थी। स्वामी श्रद्धानंद जैसा राष्ट्रीय नेता जिस गुरुकुल का संस्थापक हो और हिंदी शिक्षा का माध्यम हो; वहीं राष्ट्रीयता नहीं पनपेगी तो कहाँ पनपेगी। |
Concept: अपठित गद्यांश
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
यह एक 'साधारण महिला' की असाधारण कहानी है, जो अपनी असाधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से प्रोत्साहन व प्रेरणा लेकर सफलता के शिखर पर पहुँची है। वहाँ अंतरिक्ष में रहते हुए सुनीता का मन बारिश में भीगने, समुद्र या झील या फिर सरोवर में तैरने को कर रहा था। दरअसल अंतरिक्ष में रहते हुए हरदम गंदगी-सी महसूस होती है। भारहीनता के कारण पसीने की बूँद त्वचा से चिपकी रहती हैं। और धीरे-धीरे इकट्ठा होकर त्वचा को छोड़ देती हैं, लेकिन किसी चीज से टकराने से पहले वे इधर - इधर तैरती सी रहती हैं। कभी-कभी सुनीता का पृथ्वी को स्पर्श करने का मन करता था। वह अपोलो के अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में सोचने लगती थी और यह सोचती थी कि चंद्रमा पर पूरी तरह उतरने से पहलें ही पृथ्वी पर वापस आना उन्हें कितना निराशाजनक लगा होगा। रात से पृथ्वी जैसे टिमटिमाने लगती थी और जो क्षेत्र दिन में वीरान दिखाई दे रहे थे, वे चमत्कारी रूप से छोटी-छोटी बत्तियों के प्रकार से जगमगा उठते थे। ऐसे में सुनीता का जी करता था, 'समुद्र मैं डुबकी लगाने का। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए : (2)

(2) कृति पूर्ण कीजिए : (2)

(3) परिवार से प्रोत्साहन तथा प्रेरणा का महत्त्व' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Concept: अपठित गद्यांश
कवितेच्या आधारे सूचनेनुसार कृती करा: (4)
(1) आकृती पूर्ण करा: (2)

|
अरे खोप्यामधी खोपा पिलं निजले खोप्यात खोपा इनला इनला तिची उलूशीच चोच |
(2) दिलेल्या काव्यपंक्तींचा सरळ अर्थ लिहा: (2)
खोपा इनला इनला
जसा गिलक्याचा कोसा
पाखराची कारागिरी
जरा देख रे मानसा।
Concept: खोप्यामधी खोपा
उताऱ्याच्या आधारे सूचनेनुसार कृती करा:
(1) चौकटी पूर्ण करा: (2)
- काचेच्या खिडकीतून लेखकाकडे टक लावून पाहणारा - _______
- लेखकाच्या पुरस्कारप्राप्त ग्रंथाचे नाव - _______
|
माझ्या ग्रंथाला राज्यपुरस्कार मिळाला, माझ्या व्याख्यानमाला गाजल्या, आदर्श प्राध्यापक म्हणून माझा गौरव झाला, मला डी. लिट. मिळाली, राष्ट्रीय प्राध्यापक म्हणून माझा सन्मान झाला, ‘संतसाहित्यचिंतना’ सारख्या माझ्या पुस्तकाला श्रेष्ठ संतसाहित्यविषयक ग्रंथाचा पुरस्कार मिळाला, मला परदेशाची निमंत्रणं आली, की त्या बातम्या सांगणारी जी पत्रं नि तारा माझ्या टेबलावर येऊन पडत, ती पाकिटं फोडून या बातम्या मी प्रथम कुणाला सांगत असे? काचेच्या खिडकीतून माझ्याकडे टक लावून पाहणाऱ्या मकबऱ्याला! मग मकबऱ्याचे मिनार मिस्कीलपणे हसत-डोलत. त्याचा घुमट तरारून येई. माझ्या यशानं त्यालाही तेज चढे. त्याच्या स्नेहशील दृष्टीच्या वर्षावात मी अखंड न्हाऊन निघत असे. माझ्या आयुष्यात या स्नेहाळ क्षणांना फार फार मोलाचं स्थान आहे. हे सारे क्षण मी माझ्या हृदयात खोल खोल जपून ठेवले आहेत, दडवून ठेवले आहेत. |
(2) आकृती पूर्ण करा: (2)

(3) जोड्या लावा. (2)
| 'अ' गट | 'ब' गट |
| (i) मिस्किलपणे हसणारे | (1) मकबरा |
| (ii) तरारून येणारे | (2) मिनार |
| (3) घुमट |
Concept: मकबरा - माझ्या मनातला!
उताऱ्याच्या आधारे सूचनेनुसार कृती करा :
(1) आकृती पूर्ण करा: (2)

|
डासांनी मग त्यांची जनरल बॉडी मीटिंग ठेवली. दासू-दासीचा अहवाल सगळ्यांनी ऐकला. सगळे गंभीर झाले. विचारविनिमय सुरू झाला. त्यांच्यातला एक डॉक्टर संशोधक पुढे आला. म्हणाला, ‘‘मी एक लोकल ॲनेस्थेशिया देणारं रसायन शोधलंय. आपल्या सुईवर ते लावायचं, की ती खुपसलेली त्याला कळायचंही नाही.’’ सगळ्यांच्या तोंडून एकदम ‘वा!’ असा उद्गार बाहेर पडला. डास पुढाऱ्यानं त्याला विचारलं, ‘‘त्याचं पेटंटबिटंट काही नाही ना?’’ ‘‘छे छे, तसं करायला आपण माणसं का आहोत?’’ हशा उसळला. तो पुढे म्हणाला, ‘‘ज्या वनस्पतीपासून ते रसायन मिळतं, त्या मुबलक आहेत आणि त्यांनी सहकार्य करायचं कबूल केलंय. शिवाय, आपल्या शरीरातल्या त्या जंतूंसाठी आपणच ती अँटिबायोटिक्स घेतली तर? आता राहता राहिला प्रश्न आपल्या गुणगुणीचा. माझे त्यावर प्रयोग सुरू आहेत.’’ |
(2) एका वाक्यात उत्तर लिहा : (1)
डासांच्या जनरल बॉडी मीटिंगमध्ये हशा का उसळला ?
(3) स्वमत: (3)
पाठातील डास आणि माणूस यांच्यातील संवादाच्या आधारे डासांचे म्हणणे तुमच्या शब्दांत लिहा.
Concept: डासपीटिका
कवितेच्या आधारे सूचनेनुसार कृती करा: (4)
(1) चौकटी पूर्ण करा: (2)
- कवितेत आलेल्या नद्यांची नावे - ______, ______
- मनातून वाहून जाण्यात अशा गोष्टी - ______, ______
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हा देश माझा याचे, भान जरासे राहू द्या रे।।धृ।। हा उंच हिमालय माझा, हा विशाल सागर माझा जे हात उत्सुकलेले, दगडांच्या वर्षावाला जरी अनेक अपुले धर्म, जरी अनेक अपुल्या जाती |
(2) खालील पंक्तींचा सरळ अर्थ लिहा: (2)
जरी अनेक अपुले धर्म, जरी अनेक अपुल्या जाती
परी अभंग असू द्या, सदैव अपुली माणसुकीची नाती
Concept: हा देश माझा

योगेश/योगिता मोरे विद्यार्थी प्रतिनिधी या नात्याने क्रीडा साहित्य खरेदीवर विशेष सवलत दिल्या- बद्दल अभिनंदन करणारे पत्र व्यवस्थापकांना लिहा.
Concept: पत्रलेखन
