English

English Medium Class 10 - CBSE Important Questions

Advertisements
Subjects
Topics
Subjects
Popular subjects
Topics

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  201 to 220 of 2227  next > 

निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए -

जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देश-भक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है।

दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है।पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर-चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है।

  1. जीप के आगे बढ़ने पर भी हालदार साहब का मूर्ति के बारे में सोचते रहने का कारण था -
    1. देशप्रेम की भावना
    2. कस्बे में लगी मूर्ति का सौंदर्य
    3. मूर्ति पर संगमरमर का चश्मा न होना 
    4. मूर्ति का रख-रखाव न होना
  2. हालदार साहब ने नागरिकों के प्रयास को बताया -
    1. उदारवादी
    2. अकल्पनीय
    3. प्रशंसनीय
    4. बचकाना
  3. “दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे” इस वाक्य में 'उधर' शब्द किसके लिए संकेत है?
    1. कस्बे के लिए 
    2. चौराहे के लिए
    3. नगरपालिका के लिए
    4. उत्साही लेखक के लिए
  4. उन्होंने मूर्ति में क्या अंतर देखा?
    1. मूर्ति ने कपड़े पहने हैं 
    2. मूर्ति ने शाल ओढ़ी है
    3. मूर्ति पर चश्मा बदल गया है 
    4. मूर्ति को पेंट कर दिया है
  5. हालदार साहब जीप से कहाँ जाते थे?
    1. कस्बे में लगी मूर्ति देखने
    2. अपनी फैक्टरी का काम देखने
    3. अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने
    4. कम्पनी के काम से कस्बे से आगे
Appears in 3 question papers
Chapter: [7] स्वयं प्रकाश : नेताजी का चश्मा
Concept: नेताजी का चश्मा

किस घटना के आधार पर कहा जा सकता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे? 

Appears in 3 question papers
Chapter: [8] रामवृक्ष बेनीपुरी : बालगोबिन भगत
Concept: बालगोबिन भगत

'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?

Appears in 3 question papers
Chapter: [9] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Concept: लखनवी अंदाज़

हम कैसे कह सकते हैं कि मन्‍नू भंडारी के पिता बेहद कोमल और संवेदनशील व्यक्ति थे?

Appears in 3 question papers
Chapter: [10] मन्नू भंडारी : एक कहानी यह भी
Concept: मन्नू भंडारी

निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -

यों खेलने को हमने भाइयों के साथ गिल्ली-डंडा भी खेला और पतंग उड़ाने, काँच पीसकर माँजा सूतने का काम भी किया, लेकिन उनकी गतिविधियों का दायरा घर के बाहर ही अधिक रहता था और हमारी सीमा थी घर। हाँ, इतना जरूर था कि उस जमाने में घर की दीवारें घर तक ही समाप्त नहीं हो जाती थीं बल्कि पूरे मोहल्ले तक फैली रहती थीं इसलिए मोहल्ले के किसी भी घर में जाने पर कोई पाबंदी नहीं थी, बल्कि कुछ घर तो परिवार का हिस्सा ही थे। आज तो मुझे बड़ी शिद्दत के साथ यह महसूस होता है कि अपनी ज़िंदगी खुद जीने के इस आधुनिक दबाव ने महानगरों के फ़्लैट में रहने वालों को हमारे इस परंपरागत 'पड़ोस-कल्चर' से विच्छिन्न करके हमें कितना संकुचित, असहाय और असुरक्षित बना दिया है। मेरी कम-से-कम एक दर्जन आरंभिक कहानियों के पात्र इसी मोहल्ले के हैं जहाँ मैंने अपनी किशोरावस्था गुज़ार अपनी युवावस्था का आरंभ किया था। एक-दो को छोड़कर उनमें से कोई भी पात्र मेरे परिवार का नहीं है। बस इनको देखते-सुनते, इनके बीच ही मैं बड़ी हुई थी लेकिन इनकी छाप मेरे मन पर कितनी गहरी थी, इस बात का अहसास तो मुझे कहानियाँ लिखते समय हुआ। इतने वर्षों के अंतराल ने भी उनकी भाव-भंगिमा, भाषा, किसी को भी धुँधला नहीं किया था और बिना किसी विशेष प्रयास के बड़े सहज भाव से वे उतरते चले गए थे।
  1. भाइयों की गतिविधियों का दायरा घर के बाहर रहने और बहनों की सीमा घर होने का क्या अभिप्राय है?
    1. लड़कियों एवं लड़कों में आत्मीयता और बंधुत्व नहीं था।
    2. भाई-बहन एक साथ ज़्यादा समय नहीं बिताते थे।
    3. लड़कों को पूरे संसार की आज़ादी थी पर लड़कियाँ घरों के दायरे में सीमित।
    4. लड़के अधिकतर मोहल्ले में भटकते थे जबकि लड़कियाँ घर में रहती थीं।
  2. 'घर की दीवारें घर तक ही समाप्त नहीं हो जाती' - से आप क्या समझते हैं?
    1. घर में आज की तरह दीवारें नहीं होती थीं।
    2. पूरे-मोहल्ले को घर का हिस्सा माना जाता था।
    3. पुराने समय में घर बड़े होते थे, न कि माचिस की डिब्बियाँ।
    4. लोग खुले दिल के थे इसलिए अपने घर में अज़नबियों को भी जगह देते थे।
  3. लेखिका ने अपने पात्रों के विषय में जो बताया है उसके अनुसार असत्य कथन है -
    1. उनकी आरंभिक कहानियों के पात्र बाद के जीवन से आए हैं।
    2. उनके एक-दो पात्रों को छोड़ दें तो कोई उनके परिवार से नहीं।
    3. जिस मोहल्ले में उनकी किशोरावस्था बीती वहीं से लगभग दर्जन भर पात्र लिए।
    4. आरंभिक कहानियों के पात्रों को देखते-सुनते उनके बीच ही लेखिका बड़ी हुई।
  4. 'पड़ोस कल्चर' से अलग होकर हम कैसे होते जा रहे हैं?
    1. संकुचित, असहाय और सुरक्षित
    2. संकुचित, शंकालु और असुरक्षित
    3. संकुचित, असहाय और संरक्षित 
    4. संकुचित, असहाय और असुरक्षित
  5. कहानियाँ लिखते हुए लेखिका को क्या अहसास हुआ?
    1. समय बीतने के कारण उनकी स्मृति अब क्षीण पड़ रही है।
    2. इतना समय बीतने के बाद भी उन्हें वे लोग अपने हावभाव के साथ याद थे।
    3. अपने परिचित व्यक्ति के बारे में लिखना आसान तो नहीं है।
    4. समय के अंतराल ने उनकी भाव-भंगिमा, भाषा आदि को धुँधला कर दिया था।
Appears in 3 question papers
Chapter: [10] मन्नू भंडारी : एक कहानी यह भी
Concept: एक कहानी यह भी

गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

बिस्मिल्ला खाँ को लेखक 'मंगल ध्वनि का नायक' क्यों कहता है?

Appears in 3 question papers
Chapter: [11] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Concept: नौबतखाने में इबादत

बिस्मिल्ला खाँ की तुलना कस्तूरी मृग से क्यों की गई है?

Appears in 3 question papers
Chapter: [11] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Concept: नौबतखाने में इबादत

शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?

Appears in 3 question papers
Chapter: [11] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Concept: नौबतखाने में इबादत

भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?

Appears in 3 question papers
Chapter: [11] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Concept: नौबतखाने में इबादत

भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार 'संस्कृति' से क्या अभिप्राय है?

Appears in 3 question papers
Chapter: [12] भदंत आनंद कौसल्यायन : संस्कृति
Concept: संस्कृति

‘हरिहर काका’ कहानी में आपने पढ़ा कि हरिहर काका, महंत और उसके साथियों ने अपहरण कर लिया। कल्पना कीजिए कि आप एक पत्रकार हैं। आपको हरिकर काका के, महंत की गिरफ़्त में होने का पता लगता है तो आप किन बातों का खुलासा करेंगे और दूसरे लोगों पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

Appears in 3 question papers
Chapter: [1] हरिहर काका
Concept: हरिहर काका

निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उचित उत्तर वाले विकल्‍प चुनकर लिखिए:

सुखिया सब संसार है, खायै अरू सोवै।
दुखिया दास कबीर है, जागै अरू रोवै।।
बिरह भुवंगम तन बसै, मंत्र न लागै कोइ।
राम बियोगी ना जिवै, जिवै तो बोरा होइ।।
  1. कबीरदास जी क्यों दुःखी हैं?
    (a) ईश्वर से बिछुड़ने के कारण।
    (b) ईश्वर को प्राप्त न कर सकने के कारण।
    (c) विषय-वासनाओं में लिप्त मनुष्यों को देखकर।
    (d) ईश्वर भजन में लिप्त मनुष्यों को देखकर।
  2. 'सोना' और 'जागना' क्रमशः किसके प्रतीकार्थ हैं?
    (a) निद्रा और अनिद्रा के
    (b) अंधकार और प्रकाश के
    (c) अज्ञान और ज्ञान के
    (d) दुःख और सुख के 
  3. किस व्यक्ति पर 'मंत्र' का कोई प्रभाव नहीं दिखाई देता?
    (a) जिसका मन सांसारिक विषय-वासनाओं में लिप्त हो।
    (b) जिसका मन अहंकार की भावना से भरा हो।
    (c) जिसके मन में विरह रूपी सर्प ने घर बसा लिया हो।
    (d) जिसके मन में मिलन रूपी सर्प ने घर बसा लिया हो।
  4. कबीरदास जी के अनुसार 'बौरा' कौन है?
    (a) जिसे प्रभु का साक्षात्कार हो गया है।
    (b) जो प्रभु से विलग रहना चाहता है।
    (c) जो प्रभु की दिन-रात सेवा कर रहा है।
    (d) जो प्रभु के वियोग में जीवन व्यतीत कर रहा है।
  5. 'मंत्र न लगना' का अर्थ हैः
    (a) पीड़ित व्यक्ति का स्वस्थ न होना
    (b) विष का प्रभाव कम न होना
    (c) मंत्र सिद्ध न होना
    (d) कोई उपाय काम न आना
Appears in 3 question papers
Chapter: [1] साखी
Concept: साखी

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'हरिहर काका कहानी पारिवारिक जीवन में घर कर चुकी स्वार्थपरता और हिंसा-प्रवृत्ति को बेनकाब करती है।' तर्कसंगत उत्तर दीजिए।

Appears in 3 question papers
Chapter: [1] हरिहर काका
Concept: हरिहर काका

‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक की हैरानी का क्या कारण था और क्यों?

Appears in 3 question papers
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
Concept: सपनों के-से दिन

पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

'सपनों के से दिन' पाठ में बच्चों को स्कूल जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं था, क्यों? कारण सहित उत्तर स्पष्ट करते हुए बताइए कि स्कूल जाने के संबंध में आपका क्या अनुभव है?

Appears in 3 question papers
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
Concept: सपनों के-से दिन

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

“वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए।

Appears in 3 question papers
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
Concept: सपनों के-से दिन

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?

Appears in 3 question papers
Chapter: [3] मनुष्यता
Concept: मनुष्यता

आपके विचार से मित्रता की कौन-कौन सी कसौटियाँ हो सकती हैं? ‘टोपी शुक्ला’ पाठ के संदर्भ में तीन बिंदु लिखिए।

Appears in 3 question papers
Chapter: [3] टोपी शुक्ला
Concept: टोपी शुक्ला

पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

“घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्‍नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते समय क्‍या याद रखने को कहा है और क्यों?

Appears in 3 question papers
Chapter: [3] मनुष्यता
Concept: मनुष्यता

पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

इफ़्फ़न के पिता के तबादले के बाद टोपी शुक्ला का कोई और मित्र क्यों नहीं बन सका? इसका उसके बालमन पर क्या प्रभाव पड़ा?

Appears in 3 question papers
Chapter: [3] टोपी शुक्ला
Concept: टोपी शुक्ला
< prev  201 to 220 of 2227  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×