Advertisements
Advertisements
Question
पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
इफ़्फ़न के पिता के तबादले के बाद टोपी शुक्ला का कोई और मित्र क्यों नहीं बन सका? इसका उसके बालमन पर क्या प्रभाव पड़ा?
Advertisements
Solution
टोपी और इफ़्फ़न की दोस्ती बचपन से थी। टोपी और इफ़्फ़न घनिष्ठ मित्र थे। दोनों एक-दूसरे के बिना बिल्कुल अधूरे थे क्योंकि दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को बिना कहे समझ लेते थे। टोपी इफ़्फ़न के परिवार के सदस्यों को भी अपना मानता था, खासकर उसकी दादी को। जब टोपी को अकेलापन दूर करने वाले अपने अज़ीज़ दोस्त इफ़्फ़न के जाने का पता चला, तो वह उदास हो गया। इफ़्फ़न की दादी की मृत्यु के बाद भी, टोपी को इफ़्फ़न के जाने का दुख था। इसलिए, उसने वादा किया कि वह ऐसे लड़के से दोस्ती नहीं करेगा जिसके पिता का तबादला होता रहता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
इफ़्फ़न की दादी अपने बेटे की शादी में गाने-बजाने की इच्छा पूरी क्यों नहीं कर पाईं?
'अम्मी' शब्द पर टोपी के घरवालों की क्या प्रतिक्रिया हुई?
दस अक्तूबर सन् पैंतालीस का दिन टोपी के जीवन में क्या महत्व रखता है?
पूरे घर में इफ़्फ़न को अपनी दादी से विशेष स्नेह क्यों था?
इफ़्फ़न की दादी के देहान्त के बाद टोपी को उसका घर खाली सा क्यों लगा?
टोपी नवीं कक्षा में दो बार फ़ेल हो गया। बताइए −
टोपी की भावात्मक परेशानियों को मद्येनज़र रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव सुझाइए?
लखनऊ आकर भी इफ्फ़न की दादी की एक विशिष्ट पहचान बनी हुई थी। स्पष्ट कीजिए।
मृत्यु के करीब आने पर इम्फ़न की दादी को क्या-क्या याद आया?
इफ़्फ़न की दादी टोपी को अपने ही परिवार के सदस्यों के उपहास से किस तरह बचाती?
टोपी एक दिन के लिए ही सही अपने बड़े भाई मुन्नी बाबू से क्यों बड़ा होना चाहता था?
टोपी शुक्ला पाठ के आधार पर बताइए कि टोपी को किन-किन से अपनापन मिला? क्या आज के समय में भी ऐसा अपनेपन की प्राप्ति संभव है?
किन बातों से पता चलता है कि टोपी को इफ्फ़न की दादी बहुत प्रिय थीं?
टोपी और इफ्फ़न की दादी के उस प्रेममयी आत्मीय संबंध का वर्णन कीजिए, जिसके कारण टोपी ने इफ्फ़न से कहा कि तुम्हारी दादी की जगह मेरी दादी मर गई होती तो अच्छा होता।
कुछ बच्चों को अपने माता-पिता के पद और हैसियत का कुछ ज्यादा ही घमंड हो जाता है। इसका मानवीय संबंधों पर क्या असर पड़ता है? इसे रोकने के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगे? ‘टोपी शुक्ला’ पाठ के आलोक में लिखिए।
|
वह तो जब डॉक्टर साहब की ज़मानत ज़ब्त हो गई तब घर में ज़रा सन्नाटा हुआ और टोपी ने देखा कि इम्तहान सिर पर खड़ा है। वह पढ़ाई में जुट गया। परंतु ऐसे वातावरण में क्या कोई पढ़ सकता था? इसलिए उसका पास ही हो जाना बहुत था। "वाह!" दादी बोलीं, "भगवान नज़रे-बद से बचाए। रफ़्तार अच्छी है। तीसरे बरस तीसरे दर्जे में पास तो हो गए।…." |
टोपी ज़हीन होने के बावजूद कक्षा में दो बार फेल हो गया। जीवन में प्रतिकूल परिस्थितियों से हार मान लेना कहाँ तक उचित है? टोपी जैसे बच्चों के विषय में आपकी क्या राय है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
ठाकुर हरिनाम सिंह के तीनों लड़कों को एहसास था कि वे कलेक्टर के बेटे हैं। लेखक द्वारा ऐसा कहा जाना ठाकुर हरिनाम सिंह के तीनों बेटों और टोपी के विषय में किस विचारधारा को स्पष्ट करता है। 'टोपी शुक्ला' पाठ के आधार पर लिखिए।
