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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: “वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है।" इस कथन से सहमति या असहमति

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Question

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

“वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए।

Short/Brief Note
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Solution

वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए, प्रीतम चंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है। आज के विद्यार्थियों को मार-पीटकर समझाना संभव नहीं है। ऐसे अध्यापक जो बच्चों की बात सुने और उनके स्तर पर उतरकर उन्हें समझा सकें, विद्यार्थियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन अध्यापकों की सीख और समझने की भावना से विद्यार्थी भी प्रभावित होते हैं और उनके उच्चतम होने का मार्ग प्रशस्त होता है।

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सपनों के-से दिन
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2022-2023 (March) Outside Delhi Set 1

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‘सपनों के-से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक की हैरानी का क्या कारण था और क्यों?


‘सपनों के - से दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नयी श्रेणी में जाने की प्रसन्नता अन्य विद्यार्थियों की तरह क्यों नहीं होती थी?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

‘सपनों के से दिन’ पाठ के आधार पर बताइए कि स्कूल की छुट्टियों के शुरू और आखिरी दिनों में बच्चों की दृष्टि में क्या अंतर होता था? क्‍या यही स्थिति आपकी भी होती है? अपने विचार लिखिए।


पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

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पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था?


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