SSC (Hindi Medium)
Academic Year: 2025-2026
Date & Time: 20th February 2026, 11:00 am
Duration: 3h
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- सूचनाओं के अनुसार गदूय, पदय, पूरक प्रठन तथा भाषा अध्ययन (व्याकरण) की आकलन कृतियों में आवश्यकता के अनुसार आकृतियों में ही उत्तर लिखना अपेक्षित है।
- सभी आकृतियों के लिए पेन का ही प्रयोग करें।
- रचना विभाग में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए आकृतियों को आवश्यकता नहीं है।
- शुद्ध, स्पष्ट एवं सुवाच्य लेखन अपेक्षित है।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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मैं घर से जूते पॉलिश करके आया था अतः मैंने उसे स्पष्ट मना कर दिया। वह दूसरे यात्री के पास जाकर विनय करने लगा। मैं उसी ओर देखने लगा। वह रह-रहकर यात्रियों से अनुनय-विनय कर रहा था−“बाबू जी, पॉलिश करा लो। जूते चमका दूँगा। अभी तक मेरी बोहनी नहीं हुई है।” मेरे पास ही एक सज्जन बैठे थे। वे भी उस लड़के को बड़े गौर से देख रहे थे। शायद उन्हें उसपर दया आई। उन्होंने उसे पुकारा तो वह प्रसन्न होकर उनके पास आया और वहीं बैठ गया। “बाबू जी, उतारो जूते।” उन्होंने कहा−“भाई, पॉलिश नहीं करानी है। ले, यह पाँच रुपये रख ले।” “क्यों बाबू जी?” उसने बड़े भोलेपन से कहा। वे सज्जन बड़े प्यार से बोले − “रख लें। तेरी बोहनी नहीं हुई है, इसलिए। ” लड़का झटके से खड़ा हुआ − “बाबू जी, भिखारी नहीं हूँ। मेहनत करके खाना चाहता हूँ। बिना पॉलिश किए रुपये क्यों लूँ?” यह कहते हुए वह आगे बढ़ गया। पॉलिश करने वाले लड़के के चेहरे पर स्वाभिमान का असाधारण तेज देखकर लोग दंग रह गए। |
- लिखिए: [2]
लड़के का स्वाभिमान व्यक्त करने वाले वाक्य- ...........................................
- ...........................................
- कारण लिखिए: [2]
- जूते पॉलिश करने के लिए लेखक का मना करना − .....................
- लड़के का यात्रियों से अनुनय विनय करना − .....................
- ‘परिश्रम से आनंद की प्राप्ती होती है’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [3]
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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ज्यों ही हम टॉल्स्टॉय के अध्ययन कक्ष में घुसे, हमने एक बड़ी मेज देखी जिसपर लिखने की विविध चीजें रखी थीं। मेज पर पुस्तकें ठीक उसी तरह रखी थीं जिस तरह लेखक ने उन्हें रखा था। मोमबत्ती भी जिस तरह उन्होंने बुझा दी थी, उसी तरह रखी थी। वह न कभी जलाई गई और न उसे कभी किसी ने छुआ। एक तरफ पुस्तकों का शेल्फ था जिसमें अनेक पुस्तकें थीं। मेरे साथी ने शेल्फ से एक पुस्तक निकाल ली और कहा, “देखिए इसका कुछ संबंध गांधीजी से है।” यह महात्मा गांधीजी की पुस्तक ‘दक्षिण अफ्रीका में एक भारतीय देशभक्त’ थी। यह पुस्तक महात्मा गांधीजी ने टॉल्स्टॉय के पास भेजी थी। टॉल्स्टॉय ने इस पुस्तक के किनारे किनारे अनेक टिप्पणियाँ लिखी थीं। इस कमरे की सबसे उल्लेखनीय वस्तु वह तख्तपोश था जिसपर टॉल्स्टॉय का जन्म हुआ था। मैंने स्मारक के रूप में उसका फोटो लिया। इसके बाद हमने टॉल्स्टॉय का शयनागार देखा। वहाँ उनकी पत्नी के कई चित्र थे। हमने वहाँ एक घंटी, एक मोमबत्ती और कुछ दूसरी चीजें बिस्तर के पास मेज पर देखीं। एक आराम कुर्सी पर ऊनी कमीज टँगी हुई थी। एक कोने में सिंगार की अनेक चीजें रखी थीं। टॉल्स्टॉय सदा स्वच्छ पानी स्वयं लाते थे और गंदा पानी साफ करते थे। वे अपने कमरे को ठीक रखने में किसी और की सहायता नहीं लेते थे। |
- संजाल पूर्ण कीजिए: [2]

- एक दो शब्दों में उत्तर लिखिए: [2]
- शेल्फ से पुस्तक निकालने वाला −
- ‘दक्षिण अफ्रीका में एक भारतीय देशभक्त’ पुस्तक लिखने वाले −
- तख्तपोश का फोटो निकालने वाले −
- आराम कुर्सी पर टँगनेवाली −
- ‘ऐतिहासिक धरोवरों का संवर्धन करने में हमारी भूमिका’ विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [3]
Chapter:
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| भारत की भूमि का क्षेत्रफल विश्व की धरती का कुल 2−4% ही है जबकि यहाँ की जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का पाँचवाँ भाग है। यहाँ हर वर्ष एक नया आस्ट्रेलिया बन जाता है। अतः यहाँ कृषि के लिए भूमि का अभाव हो गया है। इसके परिणामस्वरूप हजारों वर्षों से हमारी सुख-समृद्धि में योगदान कर रहे अमूल्य जंगलों को काटा जा रहा है। आवास की बढ़ती हुई समस्या के कारण यहाँ हरे-भरे जंगलों के स्थान पर कंकरीट के जंगल बन रहे हैं। इससे हमको दोहरा नुकसान हो रहा है। एक तो खेती के लिए भूमि का अभाव हो रहा है। दूसरा जंगलों के कटने से प्रदूषण सुरसा की तरह मुँह फैला रहा है। हमारी अमूल्य वन संपदा का विनाश, दुर्लभ वनस्पतियों का अभाव, वर्षा पर घातक प्रभाव एवं दुर्लभ जंगली जानवरों के वंश के लोप का भय उत्पन्न हो गया है। जंगलों के कटने से हमारी प्राकृतिक आपदाएँ दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। हस्त शिल्प और कुटीर उद्योगों के चौपट होने के कारण ग्रामवासी आजीविका की खोज में गाँवों को छोड़कर शहरों में बसते जा रहे हैं। इससे शहरों में कुपोषण, अपराध और आवास की विकट समस्याएँ उठ खड़ी हुई हैं। नगरों में भीषण गंदगी और अवैध बस्तियों का निर्माण हो रहा है। प्रदूषण, रोगों में असाधारण वृद्धि, कमरतोड़ महँगाई तथा समुचित चिकित्सा सुविधाओं की कमी ने शहरी जीवन को नारकीय बना दिया है। |
- कृति पूर्ण कीजिए: [2]
शहरी जीवन को नारकीय बनाने वाले घटक- ..............
- ..............
- ..............
- ..............
- परिणाम लिखिए: [2]
हरे-भरे जंगलों के स्थान पर
कंकरीट के जंगल बनना
→
→
- ............
- ............
- ‘पेड़ लगाओ स्वयं को बचाओ’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृति कीजिए:
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भारतभूमि के वंदन हित, राष्ट्रदेव के अभिनंदन हित, जन-जन में चेतना जगाएँ। चलो आज हम दीप जलाएँ। आजादी के उस प्रताप का रक्त गिरा था जहाँ जहाँ पर, राणा के चेतक की टापें जहाँ जहाँ थीं पड़ी, वहाँ पर! और बिलाव घास की रोटी ले भागा था जिन कुंजों में, नन्हीं भूखी राजकुमारी, बिलख रही थी खड़ी जहाँ पर। हल्दी घाटी की परती पर, आजादी की उस धरती पर चलो आज आरती सजाएँ। चलो आज हम दीप जलाएँ। |
- उचित मिलान कीजिए: [2]
अ आ (i) मातृभूमि चेतना (ii) चेतक भूखी (iii) राजकुमारी वंदन (iv) जन-जन में टापें -
- निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए: [1]
- घास ............
- दीप ............
- निम्नलिखित शब्दों में प्रत्यय जोड़कर प्रत्यययुक्त शब्द लिखिए: [1]
- आजाद ............
- वंदन ............
- निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए: [1]
- प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Chapter:
निम्न मुद्दों पर आधारित पद्य (ब्रजवासी) का विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंदीदा पंक्तियाँ - [1]
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण - [1]
- कविता प्राप्त प्रेरणा/संदेश - [2]
Chapter: [1.09] ब्रजवासी (पद्य)
निम्नलिखित मुद्दें के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
‘संध्या सुंदरी’
मुद्दे:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंदीदा पंक्तियाँ - [1]
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण - [1]
- कविता प्राप्त प्रेरणा/संदेश - [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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इतना सुनते ही वह झट से ऑटो में बैठ गई। बूढ़े की सहमति ने उसे दिली राहत दी। बूढ़ा अभी भी अगले पहिये पर झुका हुआ था और पाँव से दबाकर टायर देख रहा था। बूढ़े की पैंट का पोंचा घुटने तक गुल्टा हुआ था। उसके घुटने के थोड़ा नीचे रगड़ का निशान बना हुआ था। वैसे तो वह अच्छा खासा लंबा था लेकिन उसकी कमर स्थायी तौर से झुकी थी। सिर के सन-से बाल बिना कंघी के फैले हुए थे। उसके चेहरे के गोरे रंग पर मैल, धूल और धुएँ की चिपचिपी परत चढ़ी हुई थी। उसने आँखें मिचमिचाते हुए पिछली सीट के छोटे-से अंधेरे में उसे देखा-वह बैठ चुकी थी। तीनों बैग सीट के पीछे रखकर वह हाथ में मोबाइल और छोटा-सा पर्स लिए चुपचाप बैठी थी। “चलो जी चलते हैं।” बूढ़ा मीटर गिराते हुए सीट पर बैठ गया और दोनों हाथ जोड़े पल भर आँखें मूँदे रहा। सुबह से नहीं मिला हाथ जोड़ने का टाइम? वह बूढ़े के क्रियाकलाप देखते हुए सोचने लगी। |
- संजाल पूर्ण कीजिए: [2]

- ‘बढ़ते हुए यातायात के साधनों के दुष्परिणाम’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित पयांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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ब्यास, बाल्मीकि, ऋषि गौतम, कपिलमुनि सूतल अमर के जगावे रे बटोहिया रामानुज रामानंद न्यारी-प्यारी रूपकला ब्रह्म सुख बन के भँवर रे बटोहिया। नानक, कबीर, गौर-संकर, श्रीराम कृष्ण अलख के बतिया बतावे रे बटोहिया बिद्यापति, कालीदास, सूर, जयदेव कवि तुलसी के सरल कहानी रे बटोहिया। |
- संजाल पूर्ण कीजिए: [2]

- ‘संस्कारक्षम समाजनिर्मिति में संतों का योगदान’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
साथ-साथ
Chapter:
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
क्योंकि
Chapter:
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कृति पूर्ण कीजिए:
| संधि शब्द | संधि विच्छेद | भेद |
| सज्जन | ........ + ........ | ............ |
Chapter:
निम्नलिखित सामासिक शब्द का विग्रह करके समास का प्रकार लिखिए:
| शब्द | समास विग्रह | प्रकार |
| चौराहा | ........ | ........ |
Chapter:
निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उप-प्रकार लिखिए:
| वाक्य | प्रकार | उप-प्रकार |
|
तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए |
................ | ................ |
Chapter:
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
ताव आना –
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:
पत्थर की लकीर होना -
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग कीजिए:
जी हाँ, जी हाँ बहुत प्यारा बच्चा है। मेरे मित्र ने कहा।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में से कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
शास्त्री नगर में हूँ।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए:
लड़कि के पिता ने रघुराज सिंह को कहा।
Chapter:
| प्रथम तथा तृतीय चरण की मात्राएँ ........... हैं। | सुनि केवट के बैन, प्रेम लपेटे अटपटे। विहँसे करुणा अयन, चितइ जानकी लखन तन॥ |
यह .......... छंद हैं। |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल-परिवर्तन कीजिए:
मैं एक चीज पर लिखना शुरू करती हूँ। (अपूर्ण भूतकाल)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल-परिवर्तन कीजिए:
बेटे के दफ्तर का बड़ा साहब घर आया। (पूर्ण वर्तमानकाल)
Chapter:
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रचना के आधार पर वाक्य का भेद पहचानिए:
सबेरा हुआ और पक्षियों के कलरव से वातावरण गूँज उठा।
Chapter:
अर्थ के आधार पर सूचना के अनुसार वाक्य परिवर्तन कीजिए:
हर और से अब वह निराश हो गया था।
Chapter:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
सोहन/सुमन शुक्ला, सातपुर, नाशिक से छुट्टियों में किसी दर्शनीय स्थल की यात्रा के लिए आमंत्रित करते हुए अपने मित्र सहेली मोहन/मोनिका यादव, मोहन नगर, चिचंवड, पुणे को पत्र लिखता/लिखती है।
Chapter:
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व्यवस्थापक, आशुतोष पुस्तकालय, योगेश्वरी-मुंबई-60 |
| पुस्तकों के नाम | प्रतियाँ | |
| (1) | हिंदी शब्दकोश | 5 |
| (2) | हिंदी कहानियाँ | 3 |
| (3) | हिंदी व्याकरण | 6 |
| (4) | हिंदी काव्य-संग्रह | 4 |
उपर्युक्त जानकारी पढ़कर ज्योति/जीवन काले, ठाणे, मुंबई से पुस्तकों की माँग करते हुए पत्र लिखती/लिखता है।
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
| पड़ोस का जीवन भी सामाजिक जीवन की पारस्परिक निर्भरता को स्पष्ट करता है। एक घर की गंदगी तथा अस्वच्छ आदतें पड़ोस में रहने वाले अन्य व्यक्तियों में भी रोग फैला सकती हैं। जोर से बजते हुए रेडियो तथा दूरदर्शन की आवाज पड़ोस के घरों में रहने वालों के लिए समस्या बन सकती है। हम समाज में रहते हैं। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम अपने क्षेत्र को साफ रखने, संक्रामक रोगों की रोकथाम करने तथा दुकानों पर सामान लेने और बसों में चढ़ने के लिए लाइन में खड़े होने की चेष्टा करें। इन उदाहरणों से सामाजिक जीवन की दो आवश्यक बातें होती हैं। यह इस बात को प्रदर्शित करता है कि निजी तथा सामाजिक जीवन को अलग करना कितना कठिन है। अपने रेडियो को सुनना, जो आपकी निजी संपत्ति है, कभी-कभी समाज के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इसीलिए सामाजिक जीवन में सहनशीलता की आवश्यकता होती है। यह भी आवश्यक है कि हम दूसरों की शांति, उनके धर्म तथा उनके रहन-सहन का सम्मान करें चाहे हमारा धर्म और रहन-सहन उनसे भिन्न ही क्यों न हो। |
Chapter:
विनोबा भावे हिंदी विद्यालय, पिंपरी में मनाए गए ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ समारोह का 70 से 80 शब्दों में वृत्तांत लेखन कीजिए।
(वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना अनिवार्य है।)
Chapter:
मुद्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए:
एक हंस और एक कौए में मित्रता - हंस का कौए के साथ उड़ते जाना - कौए का दधिपात्र लेकर जाने वाले ग्वाले को देखना - ललचाना - कौए का दही खाने का आग्रह - हंस का इनकार - कौए का घसीटकर ले जाना - कौए का चोंच नचा - नचाकर दही खाना - हंस का बिलकुल न खाना - आहट पाकर कौए का उड़ जाना - हंस का पकड़ा जाना - परिणाम - शीर्षक।
Chapter: [4] उपयोगित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए:

Chapter:
‘संगणक की आत्मकथा’ इस विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।
Chapter: [4] उपयोगित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि मैं लेखक होता.....
Chapter:
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