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Question
निम्नलिखित मुद्दें के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
‘संध्या सुंदरी’
मुद्दे:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंदीदा पंक्तियाँ - [1]
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण - [1]
- कविता प्राप्त प्रेरणा/संदेश - [2]
Long Answer
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Solution
- रचनाकार का नाम – सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
- रचना की विधा – प्रकृति-चित्रण वर्णनात्मक पर आधारित कविता
- पसंदीदा पंक्तियाँ – अमृत की वह नदी बहाती आती,
थके हुए जीवों को वह सस्नेह, चषक एक पिलाती।
सुलाती उन्हें अंक पर अपने, - पंक्तियाँ पसंद होने के कारण – ये पंक्तियाँ संध्या के शांत और सुकून देने वाले रूप को बहुत सुंदर तरीके से व्यक्त करती हैं। कवि ने संध्या को एक माँ की तरह दिखाया है जो दिनभर थके हुए जीवों को अपने अंक में सुलाकर उन्हें आराम देती है। इसमें प्रकृति की कोमलता और शांति का सुंदर चित्रण मिलता है।
- कविता से प्राप्त प्रेरणा/संदेश – यह कविता हमें प्रकृति की सुंदरता और शांति का अनुभव कराती है। इससे यह संदेश मिलता है कि दिनभर की थकान के बाद संध्या हमें विश्राम, शांति और नई ऊर्जा प्रदान करती है। प्रकृति का हर रूप मनुष्य के जीवन में संतुलन और सुकून लाता है।
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