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Question
यूक्लिडीय ज्यामिति केवल वक्र पृष्ठों के लिए ही मान्य है।
Options
सत्य
असत्य
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Solution
यह कथन असत्य है।
स्पष्टीकरण -
क्योंकि यूक्लिडियन ज्यामिति केवल समतल में मौजूद आकृतियों के लिए मान्य है लेकिन घुमावदार सतहों पर यह विफल हो जाती है।
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निम्नलिखित पद की परिभाषा दीजिए। क्या इनके लिए कुछ ऐसे पद हैं, जिन्हें परिभाषित करने की आवश्यकता है? वे क्या हैं और आप इन्हें कैसे परिभाषित कर पाएँगे?
लम्ब रेखाएँ
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वर्ग
नीचे दी हुई दो अभिधरणाओं पर विचार कीजिए:
- दो भिन्न बिंदु A और B दिए रहने पर, एक तीसरा बिंदु C ऐसा विद्यमान है जो A और B के बीच स्थित होता है।
- यहाँ कम से कम ऐसे तीन बिंदु विद्यमान हैं कि वे एक रेखा पर स्थित नहीं हैं।
थेल्स निम्नलिखित देश का वासी था :
दो भिन्न प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक ही रेखा के समांतर नहीं हो सकतीं।
निम्नलिखित प्रश्न को उपयुक्त यूक्लिड की अभिगृहीत का प्रयोग करते हुए, हल कीजिए :
दो सेल्समैन ने अगस्त के महीने में बराबर बिक्री की। सितंबर में, प्रत्येक सेल्समैन अपनी बिक्री अगस्त के महीने की बिक्री की दोगुनी कर लेता है। दोनों की सितंबर की बिक्रियों की तुलना कीजिए।
निम्नलिखित कथन को पढ़िए :
एक समबाहु त्रिभुज तीन रेखाखंडों से बना एक बहुभुज है जिनमें से दो रेखाखंड तीसरे रेखाखंड के बराबर हैं तथा इसका प्रत्येक कोण 60° का है।
इस परिभाषा में, उन पदों को परिभाषित कीजिए जिन्हें आप आवश्यक समझते हैं। क्या इसमें कोई अपरिभाषित पद है? क्या आप इसका औचित्य दे सकते हैं कि एक समबाहु त्रिभुज के सभी कोण और सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
निम्नलिखित कथनों को अभिगृहीत माना गया है :
- यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो संगत कोण आवश्यक रूप से बराबर नहीं होते हैं।
- यदि एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को प्रतिच्छेद करती है तो एकांतर अंतःकोण बराबर होते हैं।
क्या अभिगृहीतों का यह निकाय संगत (अविरोधी) है? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए।
निम्नलिखित कथनों को अभिगृहीत माना गया है :
- यदि दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करें तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर नहीं होते हैं।
- यदि एक किरण एक रेखा पर खड़ी हो तो इस प्रकार प्राप्त दोनों आसन्न कोणों का योग 180° होता है।
क्या अभिगृहीतों का यह निकाय संगत है?
निम्नलिखित अभिगृहीतों को पढ़िए :
- वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु के बराबर हों, परस्पर बराबर होती हैं।
- यदि बराबर को बराबरों में जोड़ा जाए, तो पूर्ण बराबर होते हैं।
- वे वस्तुएँ जो एक ही वस्तु की दोगुनी हों, परस्पर बराबर होती है।
जाँच कीजिए कि क्या अभिगृहीतों का यह निकाय संगत है या असंगत है।
