English

यंत्रणाओं के बीच जी रहे हरिहर काका की तुलना लेखक ने किससे की है और क्यों ?

Advertisements
Advertisements

Question

यंत्रणाओं के बीच जी रहे हरिहर काका की तुलना लेखक ने किससे की है और क्यों ?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

यंत्रणाओं के बीच जी रहे हरिहर काका की तुलना लेखक ने मँझधार में फँसी उस नावे से की है, जिस पर बैठे सवार चिल्लाकर भी अपनी जान की रक्षा नहीं कर सकते हैं। इसका कारण यह है कि उनकी चिल्लाहट दूर-दूर तक फैले सागर की उठती-गिरती लहरों में खोकर रह जाती है। इस तरह उसकी मदद के लिए कोई नहीं आ पाता और वह जहाज डूबकर रह जाती है।

shaalaa.com
हरिहर काका
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

हरिहर काका को मंहत और भाई एक ही श्रेणी के क्यों लगने लगे?


अनपढ़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहतर समझ रखते हैं। कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि लेखक ने यह क्यों कहा, "अज्ञान की स्थिति में ही मनुष्य मृत्यु से डरते हैं। ज्ञान होने के बाद तो आदमी आवश्यकता पड़ने पर मृत्यु को वरण करने के लिए तैयार हो जाता है।"


हरिहर काका के गाँव में यदि मीडिया की पहुँच होती तो उनकी क्या स्थिति होती? अपने शब्दों में लिखिए।


हरिहर काका की किस स्थिति ने लेखक को चिंतित कर दिया?


लेखक के गाँव का संक्षिप्त परिचय दीजिए।


गाँववालों का ठाकुरबारी के प्रति अत्यंत घनिष्ठ संबंध है। स्पष्ट कीजिए।


हरिहर काका के परिवार का संक्षिप्त परिचय दीजिए।


हरिहर काका के भाइयों द्वारा अपनी पत्नियों को क्या सीख दी गई? उनके व्यवहार में क्या बदलाव आता गया?


स्वादिष्ट पकवान की आस लगाए बैठे हरिहर काका के सामने जब रूखा-सूखा खाना परोसा गया तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई ?


ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में क्यों पड़ गए?


हरिहर काका द्वारा ठाकुरबारी के नाम जमीन लिखने में हो रही देरी के बारे में महंत जी ने क्या अनुमान लगाया? इसके लिए उन्हें क्या विकल्प नजर आया?


महंत जी ने हरिहर काका का अपहरण किस तरह करवाया?


हरिहर काका को छुड़ाने में असफल रहने पर उनके भाई क्या सोचकर पुलिस के पास गए?


लोभी महंत एक ओर हरिहर काका को यश और बैकुंठ का लोभ दिखा रहा था तो दूसरी ओर पूर्व जन्म के उदाहरण द्वारा भय भी दिखा रहा था। स्पष्ट कीजिए।


ठाकुरबारी के साधु-संतों के व्यवहार से काका को किस वास्तविकता का ज्ञान हुआ? साधु-संतों का ऐसा व्यवहार कितना उचित था?


‘हरिहर काका’ कहानी वृद्धों के प्रति संवेदनहीन होते समाज की कथा है।' इस कथन को कहानी के आधार पर उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×