Advertisements
Advertisements
Question
“वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।
Advertisements
Solution
पानवाले ने कैप्टन को लँगड़ा और पागल कहा है, लेकिन कैप्टन में सच्चे देशभक्त के वे सभी गुण हैं, जो न तो पानवाले में हैं और न ही समाज के किसी अन्य बुद्धिजीवी में। भले ही वह अपाहिज है, लेकिन उसमें इतनी शक्ति है कि नेताजी को कभी चश्मे के बिना नहीं रहने देता। वह भले पागल कहलाए, पर उसमें इतना विवेक है कि जिसने आज़ादी के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया, उसका सम्मान करना चाहिए। इसलिए कैप्टन पानवाले से अधिक सक्रिय और विवेकशील है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?
हालदार साहब ने ड्राइवर को पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था लेकिन बाद में तुरंत रोकने को कहा -
(क) हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे?
(ख) मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है?
(ग) हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे?
कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है -
(क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?
(ख) आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?
(ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?
सीमा पर तैनात फ़ौजी ही देश-प्रेम का परिचय नहीं देते। हम सभी अपने दैनिक कार्यो में किसी न किसी रूप में देश-प्रेम प्रकट करते हैं; जैसे - सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना, पर्यावरण संरक्षण आदि। अपने जीवन-जगत से जुड़े ऐसे और कार्यों का उल्लेख कीजिए और उन पर अमल भी कीजिए।
निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिंदी में लिखिए -
कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए। तो कैप्टन किदर से लाएगा? तो उसको मूर्तिवाला दे दिया। उदर दूसरा बिठा दिया।
‘भई खूब! क्या आइडिया है।’ इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?
नगरपालिका द्वारा किसकी मूर्ति को कहाँ लगवाने का निर्णय लिया गया?
मूर्ति बनवाने का कार्य स्थानीय ड्राइंग मास्टर को क्यों सौंपना पड़ा?
नेताजी की मूर्ति का संक्षिप्त चित्रण कीजिए।
नेताजी की मूर्ति में कौन-सी कमी खटकती थी?
कैप्टन कौन था? उसका व्यक्तित्व नाम के विपरीत कैसे था?
हालदार साहब के लिए कैप्टन सहानुभूति का पात्र था? इसे आप कितना उचित समझते हैं?
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए -
|
जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देश-भक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है। दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है।पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर-चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। |
- जीप के आगे बढ़ने पर भी हालदार साहब का मूर्ति के बारे में सोचते रहने का कारण था -
- देशप्रेम की भावना
- कस्बे में लगी मूर्ति का सौंदर्य
- मूर्ति पर संगमरमर का चश्मा न होना
- मूर्ति का रख-रखाव न होना
- हालदार साहब ने नागरिकों के प्रयास को बताया -
- उदारवादी
- अकल्पनीय
- प्रशंसनीय
- बचकाना
- “दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे” इस वाक्य में 'उधर' शब्द किसके लिए संकेत है?
- कस्बे के लिए
- चौराहे के लिए
- नगरपालिका के लिए
- उत्साही लेखक के लिए
- उन्होंने मूर्ति में क्या अंतर देखा?
- मूर्ति ने कपड़े पहने हैं
- मूर्ति ने शाल ओढ़ी है
- मूर्ति पर चश्मा बदल गया है
- मूर्ति को पेंट कर दिया है
- हालदार साहब जीप से कहाँ जाते थे?
- कस्बे में लगी मूर्ति देखने
- अपनी फैक्टरी का काम देखने
- अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने
- कम्पनी के काम से कस्बे से आगे
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'नेताजी का चश्मा' पाठ के आधार पर लिखिए कि-
हालदार साहब का कस्बे के नागरिकों का कौन-सा प्रयास सराहनीय लगा और क्यों?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
कैप्टन नेताजी की मूर्ति पर लगा चश्मा अकसर क्यों बदल देता था? उसकी इस हरकत से आपके मन में उसके प्रति कौन-से भाव आते हैं?
