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Question
बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या प्रदर्शित करता है?
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Solution
बच्चों द्वारा मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगाना यह प्रदर्शित करता है कि बच्चों के मन में देश प्रेम और देशभक्ति के बीज अंकुरित हो गए हैं। उन्हें यह ज्ञान हो गया है कि शहीदों और देशभक्तों का आदर करना चाहिए।
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सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग कैप्टन क्यों कहते थे?
आशय स्पष्ट कीजिए -
“बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-ज़िंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर भी हँसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती है।”
पानवाले का एक रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।
“वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।
जब तक हालदार साहब ने कैप्टन को साक्षात् देखा नहीं था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा, अपनी कल्पना से लिखिए।
सीमा पर तैनात फ़ौजी ही देश-प्रेम का परिचय नहीं देते। हम सभी अपने दैनिक कार्यो में किसी न किसी रूप में देश-प्रेम प्रकट करते हैं; जैसे - सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना, पर्यावरण संरक्षण आदि। अपने जीवन-जगत से जुड़े ऐसे और कार्यों का उल्लेख कीजिए और उन पर अमल भी कीजिए।
निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिंदी में लिखिए -
कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए। तो कैप्टन किदर से लाएगा? तो उसको मूर्तिवाला दे दिया। उदर दूसरा बिठा दिया।
‘भई खूब! क्या आइडिया है।’ इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताइए कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?
नगरपालिका द्वारा किसकी मूर्ति को कहाँ लगवाने का निर्णय लिया गया?
नेताजी की मूर्ति का संक्षिप्त चित्रण कीजिए।
मूर्ति की कमी को कौन और किस तरह पूरा करने का प्रयास करता था?
कैप्टन कौन था? उसका व्यक्तित्व नाम के विपरीत कैसे था?
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प चुनकर लिखिए -
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जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देश-भक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है। दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है।पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर-चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। |
- जीप के आगे बढ़ने पर भी हालदार साहब का मूर्ति के बारे में सोचते रहने का कारण था -
- देशप्रेम की भावना
- कस्बे में लगी मूर्ति का सौंदर्य
- मूर्ति पर संगमरमर का चश्मा न होना
- मूर्ति का रख-रखाव न होना
- हालदार साहब ने नागरिकों के प्रयास को बताया -
- उदारवादी
- अकल्पनीय
- प्रशंसनीय
- बचकाना
- “दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे” इस वाक्य में 'उधर' शब्द किसके लिए संकेत है?
- कस्बे के लिए
- चौराहे के लिए
- नगरपालिका के लिए
- उत्साही लेखक के लिए
- उन्होंने मूर्ति में क्या अंतर देखा?
- मूर्ति ने कपड़े पहने हैं
- मूर्ति ने शाल ओढ़ी है
- मूर्ति पर चश्मा बदल गया है
- मूर्ति को पेंट कर दिया है
- हालदार साहब जीप से कहाँ जाते थे?
- कस्बे में लगी मूर्ति देखने
- अपनी फैक्टरी का काम देखने
- अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने
- कम्पनी के काम से कस्बे से आगे
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'नेताजी का चश्मा' पाठ के आधार पर लिखिए कि-
हालदार साहब का कस्बे के नागरिकों का कौन-सा प्रयास सराहनीय लगा और क्यों?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
कैप्टन नेताजी की मूर्ति पर लगा चश्मा अकसर क्यों बदल देता था? उसकी इस हरकत से आपके मन में उसके प्रति कौन-से भाव आते हैं?
