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प्रश्न
“वो लँगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल!”
कैप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।
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उत्तर
पानवाले ने कैप्टन को लँगड़ा और पागल कहा है, लेकिन कैप्टन में सच्चे देशभक्त के वे सभी गुण हैं, जो न तो पानवाले में हैं और न ही समाज के किसी अन्य बुद्धिजीवी में। भले ही वह अपाहिज है, लेकिन उसमें इतनी शक्ति है कि नेताजी को कभी चश्मे के बिना नहीं रहने देता। वह भले पागल कहलाए, पर उसमें इतना विवेक है कि जिसने आज़ादी के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया, उसका सम्मान करना चाहिए। इसलिए कैप्टन पानवाले से अधिक सक्रिय और विवेकशील है।
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जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देश-भक्ति भी आजकल मज़ाक की चीज़ होती जा रही है। दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है।पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर-चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। |
- जीप के आगे बढ़ने पर भी हालदार साहब का मूर्ति के बारे में सोचते रहने का कारण था -
- देशप्रेम की भावना
- कस्बे में लगी मूर्ति का सौंदर्य
- मूर्ति पर संगमरमर का चश्मा न होना
- मूर्ति का रख-रखाव न होना
- हालदार साहब ने नागरिकों के प्रयास को बताया -
- उदारवादी
- अकल्पनीय
- प्रशंसनीय
- बचकाना
- “दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुज़रे” इस वाक्य में 'उधर' शब्द किसके लिए संकेत है?
- कस्बे के लिए
- चौराहे के लिए
- नगरपालिका के लिए
- उत्साही लेखक के लिए
- उन्होंने मूर्ति में क्या अंतर देखा?
- मूर्ति ने कपड़े पहने हैं
- मूर्ति ने शाल ओढ़ी है
- मूर्ति पर चश्मा बदल गया है
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- हालदार साहब जीप से कहाँ जाते थे?
- कस्बे में लगी मूर्ति देखने
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पानवाले ने नेताजी की मूर्ति पर चश्मा न होने का कारण बताया - 'मास्टर बनाना भूल गया' - यह उसके लिए कैसी बात थी और हालदार साहब के लिए कैसी?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
हालदार साहब को नेताजी की मूर्ति में कौन-सी कमी नज़र आई और उन्होंने उसके कारण के विषय में क्या-क्या अनुमान लगाया?
