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कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है - (क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?

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प्रश्न

कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है -

(क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?

(ख) आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे और क्यों?

(ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

(क) हम अपने आस-पास के चौराहों पर महान व्यक्तियों की मूर्ति देखते हैं। इस प्रकार की मूर्ति लगाने के कई कारण हो सकते हैं -

  1. लोगों को प्रेरणा देने के लिए।
  2. उन महान व्यक्तियों के त्याग तथा बलिदान को अमर रखने के उद्देश्य से।
  3. ऐसे लोगों का सम्मान करने के उद्देश्य से।

(ख) हम अपने इलाके के चौराहे पर महात्मा गाँधी की मूर्ति स्थापित करवाना चाहेंगे। क्योंकि उन्होंने हमारे देश को आज़ाद करवाने में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने हिंसा को त्याग कर अहिंसा के पथ को प्रधानता दी।

(ग) मूर्ति के प्रति हमारे तथा समाज के अन्य लोगों के कुछ उत्तरदायित्व हैं। हमें मूर्ति का सम्मान करना चाहिए क्योंकि ये मूर्ति किसी सम्माननीय व्यक्ति का प्रतीक है। हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी प्रकार से मूर्ति का अपमान न हो, मूर्ति की ज़रुरतों को पूरा करना हमारा कर्त्तव्य है।

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नेताजी का चश्मा
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अध्याय 10: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ४९]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
अध्याय 10 स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा
प्रश्न-अभ्यास | Q 8. | पृष्ठ ४९

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