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वीराने में जहाँ बत्तियाँ न हों वहाँ अँधेरी रात में जब आकाश में चाँद भी दिखाई न दे रहा हो तब शुक्र ग्रह (जिसे हम शुक्र तारा भी कहते हैं) के प्रकाश से अपने साए को चलते हुए देखा जा सकता है। कभी अवसर मिले

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Question

वीराने में जहाँ बत्तियाँ न हों वहाँ अँधेरी रात में जब आकाश में चाँद भी दिखाई न दे रहा हो तब शुक्र ग्रह (जिसे हम शुक्र तारा भी कहते हैं) के प्रकाश से अपने साए को चलते हुए देखा जा सकता है। कभी अवसर मिले तो इसे स्वयं अनुभव करके देखिए।

Short/Brief Note
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Solution

छात्र स्वयं करे
shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
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RELATED QUESTIONS

लेखिका को जीव-जंतुओं की संवेदनाओं की सूक्ष्म समझ थी। इसे स्पष्ट करते हुए बताइए कि आपको इनसे किन किन मूल्यों को अपनाने की सीख मिलती है?


त्रिपुरा में आदिवासियों के मुख्य असंतोष की वजह पर प्रकाश डालिए।


लेखक ने त्रिपुरा में बौद्ध धर्म की क्या स्थिति देखी? कुल्लू कुम्हार की उनकोटी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


तक्षशिला में आगजनी की खबर पढ़कर लेखक के मन में कौन-सा विचार कौंधा? इससे लेखक के स्वभाव की किस विशेषता का परिचय मिलता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए:

पोशाक हमारे लिए कब बंधन और अड़चन बन जाती है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

बाज़ार के लोग खरबूज़े बेचनेवाली स्त्री के बारे में क्या-क्या कह रहे थे? अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए:

लड़के को बचाने के लिए बुढ़िया माँ ने क्या-क्या उपाय किए?


निम्नांकित शब्द-समूहों को पढ़ो और समझो

  1. कङ्घा, पतङ्ग, चञ्चल, ठण्डा, सम्बन्ध।
  2. कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
  3. अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
  4. संशय, संसद्, संरचना, संवाद, संहार।
  5. अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।

ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।


बुढ़िया के दुख से दुखी लेखक को किसकी याद आई?


सूतक’ क्या है? समाज में इसके प्रति क्या धारणा फैली है? ‘दुख का अधिकार’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


इस पाठ में प्रयुक्त निम्नलिखित शब्दों की व्याख्या पाठ का संदर्भ देकर कीजिए −

निहारा है, धसकना, खिसकना, सागरमाथा, जायज़ा लेना, नौसिखिया


मणिभवन पर लोग क्यों आया करते थे?


लेखक ने महादेव के स्वभाव की तुलना किससे की है और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
'बुद्धि पर मार' के संबंध में लेखक के क्या विचार हैं?


लेखक और अतिथि के बीच सौहार्द अब बोरियत का रूप किस तरह लेने लगा था?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −

'रामन् प्रभाव' की खोज के पीछे कौन-सा सवाल हिलोरें ले रहा था?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25 - 30 शब्दों में) लिखिए −

कॉलेज के दिनों में रामन् की दिली इच्छा क्या थी?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −

यह अपने आप में एक आधुनिक हठयोग का उदाहरण था।


उपयुक्त शब्द का चयन करते हुए रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए −

कलकत्ता की मामूली-सी प्रयोगशाला का नाम ____________ था।


रामन् को ‘रामन् रिसर्च इंस्टीट्यूट’ की स्थापना की प्रेरणा कहाँ से मिली? इसकी स्थापना का उद्देश्य क्या था?


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