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प्रश्न
वीराने में जहाँ बत्तियाँ न हों वहाँ अँधेरी रात में जब आकाश में चाँद भी दिखाई न दे रहा हो तब शुक्र ग्रह (जिसे हम शुक्र तारा भी कहते हैं) के प्रकाश से अपने साए को चलते हुए देखा जा सकता है। कभी अवसर मिले तो इसे स्वयं अनुभव करके देखिए।
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उत्तर
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उदाहरण : अनुकूल − प्रतिकूल
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विख्यात − |
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- तुम्हारे भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी।
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