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वीराने में जहाँ बत्तियाँ न हों वहाँ अँधेरी रात में जब आकाश में चाँद भी दिखाई न दे रहा हो तब शुक्र ग्रह (जिसे हम शुक्र तारा भी कहते हैं) के प्रकाश से अपने साए को चलते हुए देखा जा सकता है। कभी अवसर मिले - Hindi Course - B

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प्रश्न

वीराने में जहाँ बत्तियाँ न हों वहाँ अँधेरी रात में जब आकाश में चाँद भी दिखाई न दे रहा हो तब शुक्र ग्रह (जिसे हम शुक्र तारा भी कहते हैं) के प्रकाश से अपने साए को चलते हुए देखा जा सकता है। कभी अवसर मिले तो इसे स्वयं अनुभव करके देखिए।

टीपा लिहा
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उत्तर

छात्र स्वयं करे
shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 B)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 6: स्वामी आनंद - शक्र तारे के समान - योग्यता विस्तार [पृष्ठ ६४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 6 स्वामी आनंद - शक्र तारे के समान
योग्यता विस्तार | Q 5 | पृष्ठ ६४

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