Advertisements
Advertisements
Question
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
वदनम् - ______
Advertisements
Solution
वदनम् - मुखम्, तुण्डम्, वक्त्रम्।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुखार्थी विद्यां न लभते।
रूपपरिचयं कुरुत।
महताम्
रूपपरिचयं कुरुत।
पयः
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
विद्वान् - ______
सुभाषितात् समानार्थकशब्दं लिखत।
बोद्धव्याः - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
इतोऽपि = ______
विशेषण-विशेष्य-सम्बन्धः।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| पादतलौ | सतेजः |
| अभ्यासः | मलिनम् |
| मनः | आर्द्रौ |
| शरीरम् | उत्तमः |
मेलनं कुरुत।
| विशेष्यम् | विशेषणम् |
| १. कपाटिका | १. सुलभम् |
| २. कोषग्रन्थः | २. विशाला |
| ३. कण्ठस्थीकरणम् | ३. भिन्नाः |
| ४. अर्थाः | ४. पद्यमयः |
सूचनानुसारं वाक्यपरिवर्तन कुरुत।
तेन कः लाभः भवति? (बहुवचने लिखत।)
समानार्थकशब्दं लिखत।
अमरकोषः - ______
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक -शब्दैः पुनः लिखत।
हरिणः शष्पाणि भक्षयति तथापि व्याधः तस्य शत्रुः भवति।
अधोदत्तं वाक्यं श्लोकस्थ-समानार्थक-शब्दैः पुनः लिखत।
सत्पुरुषः निःस्पृहः वर्तते तथापि दुर्जनः तस्य अरिः भवति।
समानार्थकशब्दं चिनुत लिखत च।
शष्पम् - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सोमशर्मेति = ______
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
तौ + ______ = तावपि।
अयादिसन्धिः।
ओ/औ + कोऽपि स्वरः = अव्/आव्
______ + अपि = उभावपि
वृद्धिसन्धिः।
अ/आ + ए/ऐ = ऐ
मम + ______ = ममैश्वर्यम्।
शुद्धं वा अशुद्धम्?
एताः अदय क्रीडितवन्तः।
विशेषण-विशेष्ययोः युग्मं पूरयत।
| पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् | विभक्तिः |
| पवित्रः जलाशयः | (पवित्र) नदी | (पवित्र) गङ्गाजलम् | प्रथमा |
| (नूतन) मण्डपम् | नूतनां भाषाम् | (नूतन) मन्दिरम् | द्वितीया |
| समृद्धेन (कोष) | (समृद्ध) परम्परया | समृद्धेन (नगर) | तृतीया |
| (कोमल) स्वभावाय | कोमलायै (लता) | (कोमल) पुष्पाय | चतुर्थी |
| प्राधीनात् (उपाय) | (पराधीना) बुद्ध्याः | (पराधीन) जीवनात् | पञ्चमी |
| (उत्तम) पुरुषस्य | उत्तमायाः (पत्रिका) | उत्तमस्य (वृत्तपत्र) | षष्ठी |
| (स्थूल) पुत्रे | स्थूलायाम् (कन्या) | (स्थूल) पात्रे | सप्तमी |
| हे (श्रेष्ठ) ऋषे | हे श्रेष्ठे (तपस्विनी) | हे (श्रेष्ठ) औषध | सम्बोधनम् |
योग्यरूपं योजयत।
हिमालयस्य ______ हिमाच्छादितानि। (सानु)
तालिकां पूरयत।
| नामरूपम् | प्रातिपदिकम् | अन्तः | लिङ्गम् | विभक्तिः | वचनम् |
| १. पश्वोः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| २. साधौ | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ३. जिज्ञासुभिः | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ४. तरूणाम् | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
| ५. दारूणि | ______ | ______ | ______ | ______ | ______ |
रूपाभ्यासं कुरुत।
पठेत्
समस्तपदं लिखत।
हस्तेन लिखितम् - ______
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
देवाः भक्तान् ______। (रक्ष्)
'क्तवतु' प्रत्ययान्तरूपैः रिक्तस्थानानि पूरयत।
कविः कवितां ______। (लिख्)
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | वस्तुभ्याम् | ______ | तृतीया |
| पितरि | ______ | ______ | सप्तमी |
| ______ | ______ | धेनुभ्यः | पञ्चमी |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| तस्मात् | ______ | ______ | पञ्चमी |
| ______ | ______ | अस्माभिः | तृतीया |
| ______ | कयोः | केषु | सप्तमी |
लकार-तालिकां पूरयत।
लट् |
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | |
| वन्दते | ______ | ______ | प्रथमपुरुषः | |
| ______ | नृत्यावहे | ______ | उत्तमपुरुषः | |
| ______ | ______ | कथयथ | मध्यमपुरुषः |
सवर्णदीर्घसन्धिः।
भानु + ______ = भानूदयः
सन्धिकोषः।
श्रीमस्त्यनाथोदितमासनं = श्रीमस्त्यनाथोदितम् + ______।
सन्धिकोषः।
स्वदेशमपाहरन् = ______ + अपाहरन्।
सन्धिकोषः।
गमनमारभे = गमनम् + ______।
सन्धिकोषः।
किञ्चित् = ______ + चित्।
सन्धिकोषः।
तयोर्ज्ञाने = तयोः + ______।
सन्धिकोषः।
तद्यथा = ______ + यथा।
भवत् आदरार्थकं सर्वनाम।
भवत् - पुंलिङ्गम्
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| भवान् | ______ | ______ | प्रथमा |
| भवन्तम् | ______ | ______ | द्वितीया |
| भवता | ______ | ______ | तृतीया |
| भवते | ______ | ______ | चतुर्थी |
| भवतः | ______ | ______ | पञ्चमी |
| भवतः | ______ | ______ | षष्ठी |
| भवति | ______ | ______ | सप्तमी |
| हे भवन् | ______ | ______ | सम्बोधनम् |
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
क्रुध् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्निह् = ______
अव्ययस्य विशिष्टं अव्ययरूपस्य आवश्यकता भवति। अधोक्तम् अस्ति।
स्पृह् = ______
