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पुलिस जिस समय मोनुमेंट की मोटियाँ न हो थी, उस समय दूसरी ओर महिलाएँ किस काम में लगी थी? - Hindi Course - B

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Question

पुलिस जिस समय मोनुमेंट की मोटियाँ न हो थी, उस समय दूसरी ओर महिलाएँ किस काम में लगी थी?

Short/Brief Note
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Solution

मोनुमेंट के नीचे पुलिस जिस समय लोगों पर लाठियाँ भाँज रही थी और लोग लहूलुहान हो रहे थे उसी समय दूसरी ओर महिलाएँ मोनुमेंट की सीढ़ियों पर चढ़कर झंडा फहरा रही थी और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ रही थी। ऐसा करके वे झंडा दिवस कार्यक्रम को सफल एवं संपन्न करने में जुटी थी।

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डायरी का एक पन्‍ना
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Chapter 2.2: डायरी का एक पन्ना - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
Chapter 2.2 डायरी का एक पन्ना
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्वपूर्ण था?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर क्या प्रतिक्रिया हुई?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

'आज जो बात थी वह निराली थी' − किस बात से पता चल रहा था कि आज का दिन अपने आप में निराला है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

डा. दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर रहे थे, उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे। उन लोगों के फ़ोटो खींचने की क्या वजह हो सकती थी? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए 

सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए 

जुलूस के लाल बाज़ार आने पर लोगों की क्या दशा हुई?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी?


भौतिक रूप से दबे हुए होने पर भी अंग्रेजों के समय में ही हमारा मन आजाद हो चुका था। अत: दिसंबर सन् 1929 में लाहौर में कांग्रेस का एक बड़ा अधिवेशन हुआ, इसके सभापति जवाहरलाल नेहरू जी थे। इस अधिवेशन में यह प्रस्ताव पास किया गया कि अब हम ‘पूर्ण स्वराज्य से कुछ भी कम स्वीकार नहीं करेंगे। 26 जनवरी 1930 को देशवासियों ने पूर्ण स्वतंत्रता के लिए हर प्रकार के बलिदान । की प्रतिज्ञा की। उसके बाद आज़ादी प्राप्त होने तक प्रतिवर्ष 26 जनवरी को स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। आजादी मिलने के बाद 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।


जमना लाल बजाज, महात्मा गांधी के पाँचवें पुत्र के रूप में जाने जाते हैं, क्यों? अध्यापक से जानकारी प्राप्त करें।


स्वतंत्रता आंदोलन में निम्नलिखित महिलाओं में जो होगदान दिया, उसके बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करके लिखिए-

(क) सरोजिनी नायडू
(ख) अरुणा आसफ अली
(ग) कस्तूरबा गांधी


‘केवल प्रचार में दो हजार रुपया खर्च किया गया था। तत्कालीन समय को मद्देनज़र रखते हुए अनुमान लगाइए कि प्रचार-प्रसार के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया गया होगा?


तारा सुंदरी पार्क में पुलिस ने लोगों को रोकने के लिए क्या किया?


26 जनवरी, 1931 को सुभाषचंद्र ४ का एक नया रूप एवं सशक्त नेतृत्व देखने को मिला। स्पष्ट कीजिए।


वृजलाल गोयनका कौन थे? झंडा दिवस को सफल बनाने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालिए।


‘डायरी का एक पन्ना’ नामक पाठ के माध्यम से क्या संदेश दिया गया है?


‘डायरी का एक पन्ना’ के माध्यम से अपने गुलाम भारत के स्वतंत्रता दिवस के आयोजन के विषय में जाना। आज हम आज़ाद भारत में आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। देश के प्रति अपने कर्तव्यों को बताते हुए पाठ से प्राप्त सीख का वर्णन कीजिए।


निम्नलिखित में से कौन-से वाक्य 'डायरी का एक पन्ना' से मेल खाते हैं -

  1. पुरानी सभ्यता के बारे में ज़्यादा किस्से-कहानियाँ सुनने को मिलते हैं।

  2. एक संगठित समाज कृत संकल्प हो तो वह कुछ भी कर सकता है।

  3. यह पाठ हमारे क्रांतिकारियों की याद दिलाता है और देशभक्ति का भाव भरता है।

  4. 26 जनवरी 1930 को गुलाम भारत में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था।


गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

'डायरी का एक पन्‍ना' पाठ के आधार पर लिखिए कि अंग्रेज़ सरकार ने कलकत्तावासियों द्वारा मोनूमेंट पार्क में आयोजित सभा को रोकने के लिए क्या-क्या प्रयास किए?


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