English

झंडा दिवस के अवसर पर पुलिस का कृर प देखने को मिला। स्पष्ट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

Question

झंडा दिवस के अवसर पर पुलिस का कृर प देखने को मिला। स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

झंडा दिवस अर्थात् 26 जनवरी 1931 को भारतीयों द्वारा जो कार्यक्रम मनाने का निश्चय किया गया था, उसे रोकने के प्रयास में पुलिस का क्रूरतम रूप देखने को मिला। पुलिस जुलूस में शामिल लोगों पर लाठी चार्ज कर रही थी, जिससे लोग। लहूलुहान हो रहे थे। पुलिस महिलाओं और लड़कियों के साथ भी मारपीट कर रही थी।

shaalaa.com
डायरी का एक पन्‍ना
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2.2: डायरी का एक पन्ना - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
Chapter 2.2 डायरी का एक पन्ना
अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

कलकत्ता वासियों के लिए 26 जनवरी 1931 का दिन क्यों महत्वपूर्ण था?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए 

विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू के झंडा गाड़ने पर क्या प्रतिक्रिया हुई?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

'आज जो बात थी वह निराली थी' − किस बात से पता चल रहा था कि आज का दिन अपने आप में निराला है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

पुलिस कमिश्नर के नोटिस और कौंसिल के नोटिस में क्या अंतर था?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए 

सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

आज तो जो कुछ हुआ वह अपूर्व हुआ है। बंगाल के नाम या कलकत्ता के नाम पर कलंक था कि यहाँ काम नहीं हो रहा है वह आज बहुत अंश में धुल गया।


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए 

खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी?


भौतिक रूप से दबे हुए होने पर भी अंग्रेजों के समय में ही हमारा मन आजाद हो चुका था। अत: दिसंबर सन् 1929 में लाहौर में कांग्रेस का एक बड़ा अधिवेशन हुआ, इसके सभापति जवाहरलाल नेहरू जी थे। इस अधिवेशन में यह प्रस्ताव पास किया गया कि अब हम ‘पूर्ण स्वराज्य से कुछ भी कम स्वीकार नहीं करेंगे। 26 जनवरी 1930 को देशवासियों ने पूर्ण स्वतंत्रता के लिए हर प्रकार के बलिदान । की प्रतिज्ञा की। उसके बाद आज़ादी प्राप्त होने तक प्रतिवर्ष 26 जनवरी को स्वाधीनता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। आजादी मिलने के बाद 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।


जमना लाल बजाज, महात्मा गांधी के पाँचवें पुत्र के रूप में जाने जाते हैं, क्यों? अध्यापक से जानकारी प्राप्त करें।


स्वतंत्रता आंदोलन में निम्नलिखित महिलाओं में जो होगदान दिया, उसके बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त करके लिखिए-

(क) सरोजिनी नायडू
(ख) अरुणा आसफ अली
(ग) कस्तूरबा गांधी


इस पाठ के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में कलकलाई कोलकाता ) के योगदान का चित्र स्पष्ट होता है। आजादी के आंदोलन में आपके क्षेत्र का भी किसी न किसी प्रकार का योगदान रहा होगा पुस्तकालय, अपने परिचितों या फिर किसी दूसरे स्त्रोत से इस संबंध में जानकारी हासिल कर लिखिए।


‘केवल प्रचार में दो हजार रुपया खर्च किया गया था। तत्कालीन समय को मद्देनज़र रखते हुए अनुमान लगाइए कि प्रचार-प्रसार के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया गया होगा?


आपको अपने विद्यालय में लगने वाले पल्स पोलियो केंद्र की सूचना पूरे मोहल्ले को देनी है। आप इस बात का प्रचार बिना पैसे के कैसे कर पाएँगे? उदाहरण के साथ लिखिए।


तारा सुंदरी पार्क में पुलिस ने लोगों को रोकने के लिए क्या किया?


पुलिस कमिश्नर द्वारा निकाली गई नोटिस का कथ्य स्पष्ट करते हुए बताइए कि यह नोटिस क्यों निकाली गई होगी?


‘डायरी का एक पन्ना’ नामक पाठ के माध्यम से क्या संदेश दिया गया है?


निम्नलिखित में से कौन-से वाक्य 'डायरी का एक पन्ना' से मेल खाते हैं -

  1. पुरानी सभ्यता के बारे में ज़्यादा किस्से-कहानियाँ सुनने को मिलते हैं।

  2. एक संगठित समाज कृत संकल्प हो तो वह कुछ भी कर सकता है।

  3. यह पाठ हमारे क्रांतिकारियों की याद दिलाता है और देशभक्ति का भाव भरता है।

  4. 26 जनवरी 1930 को गुलाम भारत में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था।


गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

'डायरी का एक पन्‍ना' पाठ के आधार पर लिखिए कि अंग्रेज़ सरकार ने कलकत्तावासियों द्वारा मोनूमेंट पार्क में आयोजित सभा को रोकने के लिए क्या-क्या प्रयास किए?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×