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Question
ढाई लाख का जानकी देवी पुरस्कार जमना लाल बजाज फाउंडेशन द्वारा पूरे भारत में सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है। यहाँ ऐसी कुछ महिलाओं के नाम दिए जा रहे है-
श्रीमती अनुताई लिमये 1993 महाराष्ट्र; सरस्वती गोरा 1996 आंध्र प्रदेश;
मीना अग्रवाल 1996 असम, सिस्टर मैथिली 1999 केरल; कुंतला कुमारी आचार्य 2001 उड़ीसा।
इनमें से किसी एक के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कीजिए।
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Solution
सरस्वती गोरा (Saraswathi Gora)
- परिचय: सरस्वती गोरा भारत की एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता थीं। उनका जन्म 28 सितंबर 1912 को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में हुआ था।
- मुख्य कार्य और योगदान:
- नास्तिक केंद्र की स्थापना: उन्होंने अपने पति गोपाराजू रामचंद्र राव (गोरा) के साथ मिलकर 1940 में 'नास्तिक केंद्र' (Atheist Centre) की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज से अंधविश्वासों को मिटाना और लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना था।
- जातिवाद और अस्पृश्यता का विरोध: उन्होंने अपना पूरा जीवन जाति व्यवस्था और छुआछूत जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ लड़ने में समर्पित कर दिया। समाज में समानता स्थापित करने के लिए उन्होंने कई अंतरजातीय और भोजनालय (सहभोज) कार्यक्रमों का आयोजन किया।
- महिला सशक्तिकरण: सरस्वती गोरा ने महिलाओं के अधिकारों के लिए कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने देवदासी प्रथा को खत्म करने तथा पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास की दिशा में जमीनी स्तर पर कार्य किया।
- स्वतंत्रता संग्राम और सर्वोदय: वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहीं और कई बार जेल भी गईं। उन्होंने महात्मा गांधी और विनोबा भावे के साथ मिलकर सर्वोदय आंदोलन और समाज के रचनात्मक कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- पुरस्कार: महिलाओं के उत्थान और सामाजिक सुधारों में उनके इसी सराहनीय कार्य के लिए जमनालाल बजाज फाउंडेशन द्वारा उन्हें वर्ष 1996 में ढाई लाख रुपये के जानकी देवी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 19 अगस्त 2006 को उनका निधन हुआ।
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