Advertisements
Advertisements
Question
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए :
मोनुमेंट के नीचे शाम को सभा होनी थी लेकिन भोर में क्या घटना घटी? 'डायरी का एक पन्ना' - पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
Solution
मोनुमेंट के नीचे जहाँ शाम को सभा होने वाली थी उस जगह को तो भोर में छ: बजे से ही पुलिस ने बड़ी संख्या में घेर लिया था पर तब भी कई जगह तो भोर में ही झंडा फहराया गया। श्रद्धनंद पार्क में बंगाल प्रांतीय विद्यार्थी संघ के मंत्री अविनाश बाबू ने झंडा गाड़ा तो पुलिस पकड़ लिया तथा और लोगों को मारा या हटा दिया। तारा सुंदरी पार्क में बड़ा-बाज़ार कांग्रेस कमेटी के युद्ध मंत्री हरिश्चंद्र सिंह झंडा फहराने गए पर वे भीतर न जा सके। वहाँ पर काफ़ी मारपीट हुई और दो-चार आदमियों के सिर फट गए। गुजरती सेविका संघ की ओर से जुलूस निकला जिसमें 'बहुत-सी लड़कियाँ थीं उनकों गिरफ्तार कर लिया।
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
सुभाष बाबू के जुलूस का भार किस पर था?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
पुलिस ने बड़े-बड़े पार्कों और मैदानों को क्यों घेर लिया था?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
26 जनवरी 1931 के दिन को अमर बनाने के लिए क्या-क्या तैयारियाँ की गईं?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
धर्मतल्ले के मोड़ पर आकर जुलूस क्यों टूट गया?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
डा. दासगुप्ता जुलूस में घायल लोगों की देख-रेख तो कर रहे थे, उनके फ़ोटो भी उतरवा रहे थे। उन लोगों के फ़ोटो खींचने की क्या वजह हो सकती थी? स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
सुभाष बाबू के जुलूस में स्त्री समाज की क्या भूमिका थी?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
खुला चैलेंज देकर ऐसी सभा पहले नहीं की गई थी?
‘केवल प्रचार में दो हजार रुपया खर्च किया गया था। तत्कालीन समय को मद्देनज़र रखते हुए अनुमान लगाइए कि प्रचार-प्रसार के लिए किन माध्यमों का उपयोग किया गया होगा?
तारा सुंदरी पार्क में पुलिस ने लोगों को रोकने के लिए क्या किया?
पुलिस कमिश्नर द्वारा निकाली गई नोटिस का कथ्य स्पष्ट करते हुए बताइए कि यह नोटिस क्यों निकाली गई होगी?
जुलूस को न रोक पाने की दी। पुलिस ने किस तरह उतारी ?
26 जनवरी, 1937 को कोलकाता के स्तों पर उत्साह और नवीनता देखते ही बनती थी। इसके कारणों एवं नएपन का वर्णन कीजिए।
26 जनवरी, 1931 को सुभाषचंद्र ४ का एक नया रूप एवं सशक्त नेतृत्व देखने को मिला। स्पष्ट कीजिए।
‘डायरी का एक पन्ना’ नामक पाठ के माध्यम से क्या संदेश दिया गया है?
‘डायरी का एक पन्ना’ के माध्यम से अपने गुलाम भारत के स्वतंत्रता दिवस के आयोजन के विषय में जाना। आज हम आज़ाद भारत में आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। देश के प्रति अपने कर्तव्यों को बताते हुए पाठ से प्राप्त सीख का वर्णन कीजिए।
निम्नलिखित में से कौन-से वाक्य 'डायरी का एक पन्ना' से मेल खाते हैं -
-
पुरानी सभ्यता के बारे में ज़्यादा किस्से-कहानियाँ सुनने को मिलते हैं।
-
एक संगठित समाज कृत संकल्प हो तो वह कुछ भी कर सकता है।
-
यह पाठ हमारे क्रांतिकारियों की याद दिलाता है और देशभक्ति का भाव भरता है।
-
26 जनवरी 1930 को गुलाम भारत में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था।
