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परशुराम के क्रोध को देखकर सीता और उनकी माता सुनयना दोनों चिंतित हैं और सीता के लिए एक-एक पल युग के समान भारी और लंबा प्रतीत हो रहा है। उनकी मन:स्थिति का अनुमान लगाते हुए उस

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Question

परशुराम के क्रोध को देखकर सीता और उनकी माता सुनयना दोनों चिंतित हैं और सीता के लिए एक-एक पल युग के समान भारी और लंबा प्रतीत हो रहा है। उनकी मन:स्थिति का अनुमान लगाते हुए उस क्षण दोनों के बीच चल रहा मौन संवाद लिखिए।

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Solution

सीता: हे भगवान! यह क्या स्थिति बन गई?
माँ: लगता है इस ब्राह्मण देवता को अभी ही आना था!
सीता: अब पता नहीं आगे क्या होने वाला है।
माँ: सब भाग्य का खेल है। भगवान ने ही न जाने क्यों यह सुंदर आयोजन बिगाड़ दिया! मुझे तो ऐसे योग्य और आकर्षक वर मिले थे।
सीता: हाय! अब क्या होगा? कहीं मेरे राम मुझसे दूर तो नहीं हो जाएंगे?
माँ: बेटी सीता, तुम धैर्य रखो। तुम्हारे पिता बहुत समझदार हैं।
सीता: माँ, मुझे अपने राम पर पूरा विश्वास है। यदि भगवान ने उन्हें मेरे लिए चुना है, तो कोई न कोई मार्ग वह स्वयं अवश्य निकालेंगे।
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Chapter 9: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद - अभ्यास [Page 160]

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NCERT Hindi Ganga [English] Class 9
Chapter 9 राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
अभ्यास | Q 1. | Page 160
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