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प्रश्न
परशुराम के क्रोध को देखकर सीता और उनकी माता सुनयना दोनों चिंतित हैं और सीता के लिए एक-एक पल युग के समान भारी और लंबा प्रतीत हो रहा है। उनकी मन:स्थिति का अनुमान लगाते हुए उस क्षण दोनों के बीच चल रहा मौन संवाद लिखिए।
लेखन कौशल
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उत्तर
| सीता: | हे भगवान! यह क्या स्थिति बन गई? |
| माँ: | लगता है इस ब्राह्मण देवता को अभी ही आना था! |
| सीता: | अब पता नहीं आगे क्या होने वाला है। |
| माँ: | सब भाग्य का खेल है। भगवान ने ही न जाने क्यों यह सुंदर आयोजन बिगाड़ दिया! मुझे तो ऐसे योग्य और आकर्षक वर मिले थे। |
| सीता: | हाय! अब क्या होगा? कहीं मेरे राम मुझसे दूर तो नहीं हो जाएंगे? |
| माँ: | बेटी सीता, तुम धैर्य रखो। तुम्हारे पिता बहुत समझदार हैं। |
| सीता: | माँ, मुझे अपने राम पर पूरा विश्वास है। यदि भगवान ने उन्हें मेरे लिए चुना है, तो कोई न कोई मार्ग वह स्वयं अवश्य निकालेंगे। |
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