English

सभा में हो रहे संवाद को दूर बैठी सीता, राजा जनक और अन्य लोग भी सुन रहे थे। अपनी कल्पना और अनुमान के आधार पर लिखिए कि उस समय सीता के मन में किस तरह के भाव उत्पन्न हो रहे होंगे?

Advertisements
Advertisements

Question

सभा में हो रहे संवाद को दूर बैठी सीता, राजा जनक और अन्य लोग भी सुन रहे थे। अपनी कल्पना और अनुमान के आधार पर लिखिए कि उस समय सीता के मन में किस तरह के भाव उत्पन्न हो रहे होंगे? सीता के दृष्टिकोण से पूरी घटना का विश्लेषण कीजिए।

(संकेत – लक्ष्मण के प्रत्युत्तर पर चिंता, गर्व, हँसी, भय, शंका इत्यादि)

Very Long Answer
Advertisements

Solution

सभा में परशुराम, राम और लक्ष्मण के बीच तीव्र वार्तालाप हो रहा था। दूर बैठी सीता सब कुछ सुन और देख रही थीं। बाहर से वे शांत दिखती थीं, पर भीतर अनेक भावों से जूझ रही थीं।

परशुराम का भयंकर क्रोध देखकर उनके मन में पहले भय और चिंता उत्पन्न हुए। शिव-धनुष टूटने की बात और मुनि का क्रोध उन्हें डराने लगे। उन्हें आशंका थी कि कहीं यह विवाह उत्सव किसी बड़े संकट में न बदल जाए और स्थिति और न बिगड़ जाए।

लक्ष्मण के व्यंग्यपूर्ण उत्तर सुनकर उन्हें आश्चर्य हुआ, साथ ही हल्की चिंता भी हुई। वे सोचने लगीं कि लक्ष्मण इतने निर्भीक होकर मुनि से कैसे बोल रहे हैं और कहीं यह साहस समस्या न बढ़ा दे।

जब परशुराम और लक्ष्मण के बीच संवाद और तीखा हो गया, तो सीता और अधिक बेचैन हो गईं। उन्हें लगा कि सभा का संतुलन बिगड़ रहा है और सभी भयभीत हैं।

लेकिन श्रीराम का शांत, विनम्र और संयमित व्यवहार देखकर उनके मन में विश्वास और गर्व जागा। वे सोचने लगीं कि ऐसे धैर्यवान व्यक्ति ही इस स्थिति को संभाल सकते हैं।

कभी-कभी लक्ष्मण की तीखी बातें सुनकर उन्हें हल्का आश्चर्य और असमंजस भी हुआ। फिर भी वे समझ गईं कि वे अपने कुल और भाई की मर्यादा की रक्षा कर रहे हैं।

अंत में सीता की मनःस्थिति भय, चिंता, आश्चर्य और श्रीराम के प्रति श्रद्धा व विश्वास का मिश्रण बन गई। बाहर की सभा उग्र थी, पर उनका मन भीतर से भावनाओं से भरा हुआ था, फिर भी वे धैर्य से सब सहती रहीं।

shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद - अभ्यास [Page 160]

APPEARS IN

NCERT Hindi Ganga [English] Class 9
Chapter 9 राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
अभ्यास | Q 2. | Page 160
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×