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Question
पाठों में आए सभी प्रकार के सर्वनाम ढूँढ़कर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
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Solution
१. मैं – पुरुषवाचक सर्वनाम
वाक्य : मैं इसका जवाब कल दूँगा।
२. वे – निश्चयवाचक सर्वनाम
वाक्य : वे गेंद खेलने नदी किनारे गए हैं।
३. कोई – अनिश्चयवाचक सर्वनाम
वाक्य : कोई हमारा विरोध नहीं करेगा।
४. अपने – निजवाचक सर्वनाम
वाक्य : उसने अपने हिस्से का भोजन दान दे दिया।
५. कौन – प्रश्नवाचक सर्वनाम
वाक्य : कौन यहाँ आ रहा है?
६. जो-सो – संबंधवाचक सर्वनाम
वाक्य : जो मेहनत करेगा सो सफल होगा।
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क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है। वाक्य में कर्ता और कर्म के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार जब क्रिया के लिंग, वचन आदि में परिवर्तन होता है तो उसे अन्विति कहते हैं।
क्रिया के लिंग, वचन में परिवर्तन तभी होता है जब कर्ता या कर्म परसर्ग रहित हों;
जैसे- सवार कारतूस माँग रहा था। (कर्ता के कारण)
सवार ने कारतूस माँगे। (कर्म के कारण)
कर्नल ने वज़ीर अली को नहीं पहचाना। (यहाँ क्रिया, कर्ता और कर्म किसी के भी कारण प्रभावित नहीं है)
अतः कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया कर्ता और कर्म से किसी के भी लिंग और वचन से प्रभावित नहीं होती और वह एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए-
- घोड़ा पानी पी रहा था।
- बच्चे दशहरे का मेला देखने गए।
- रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था।
- देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।
नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित अंश पर ध्यान दीजिए-
- मेरा एक भाई भी पुलिस में है।
- यह तो अति सुंदर ‘डॉगी’ है।
- कल ही मैंने बिलकुल इसी की तरह का एक कुत्ता उनके आँगन में देखा था।
वाक्य के रेखांकित अंश ‘निपात’ कहलाते हैं जो वाक्य के मुख्य अर्थ पर बल देते हैं। वाक्य में इनसे पता चलता है किस बात पर बल दिया जा रहा है और वाक्य क्या अर्थ दे रहा है। वाक्य में जो अव्यय किसी शब्द या पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष प्रकार का बल या भाव उत्पन्न करने में सहायता करते हैं उन्हें निपात कहते हैं; जैसे-ही, भी, तो, तक आदि।
ही, भी, तो, तक आदि निपातों का प्रयोग करते हुए पाँच वाक्य बनाइए।
शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए:
भला
प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए:
जिसे वहाँ से जबरन हटाना पड़ता था।
सहायक क्रिया पहचानिए:
हम मेहरान गढ़ किले की ओर बढ़ने लगे।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
ताकत के लिए संतुलित आहार आवश्यक है।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
इसे हिमालय क्यों कहते हैं ?
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
वाह ! क्या बनावट है ताजमहल की !
दर्पण में देखकर पढ़ो।

नीचे दिए सर्वनामों के चित्र देखो, पहचानो और वाक्यों में प्रयोग करो। (तुम, कोई, हम, आप)
| १. | ![]() |
______ |
| २. | ![]() |
______ |
| ३. | ![]() |
______ |
| ४. | ![]() |
______ |
निम्न शब्दों के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| मनुष्य | ||||
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| अरण्य | ||||
शब्द के लिंग पहचानिए:
अभ्यर्थना = ______
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
______ ! मैं सच कहता हूँ बाबू जी ।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| “.......” |
चुनाव में अपनी करारी हार देखकर नेताजी के पाँव तले ______ खिसक गई।
निम्नलिखित मुहावरे को शुद्ध कीजिए।
घाट-घाट का खाना खाना
निम्नलिखित मुहावरे के सही अर्थ का चयन कीजिए।
पाँचो अंगुलियाँ घी में होना




