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Question
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
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| (b) | ![]() |
| (c) | ![]() |
Options
(a) < (b) < (c)
(b) < (a) < (c)
(c) < (b) < (a)
(a) < (c) < (b)
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Solution
(c) < (b) < (a)
स्पष्टीकरण:
ऑर्थो- और पैरा-स्थितियों पर इलेक्ट्रॉन मुक्त करने वाले समूह की उपस्थिति हैलोएरीनों की अभिक्रियाशीलता को कम करती है। संभावित प्रतिकर्षण के कारण इलेक्ट्रॉनधनी नाभिकरागी के इलेक्ट्रॉनधनी ऐरीन की ओर जाने की संभावना कम होती है। इलेक्ट्रॉन विमोचन समूह जितना अधिक संलग्न होगा, अभिक्रिया की दर उतनी ही कम होगी।
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निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना नीचे दिए अणु (A) का प्रतिबिंब रूप है?

नीचे दिए गए अणु में कौन-से कार्बन परमाणु असममित हैं?
\[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{HO}\phantom{.....}\ce{OH}\phantom{..}\ce{H}\phantom{.....}\ce{O}\phantom{..}\\
\phantom{..}\backslash\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{.....}//\phantom{.}\\
\ce{\overset{a}{C} - \overset{b}{C} - \overset{c}{C} - \overset{d}{C}}\\
\phantom{..}//\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{....}\phantom{.}\backslash\phantom{...}\\
\phantom{}\ce{O}\phantom{......}\ce{H}\phantom{...}\ce{OH}\phantom{....}\ce{H}\phantom{}\\
\end{array}\]
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
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निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
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इस अभिक्रिया की क्रियाविधि के संबंध में कौन-से कथन सही हैं?
(i) अभिक्रिया में कार्बधनायन (कार्बोकैटायन) माध्यमिक बनेगा।
(ii) OH− क्रियाधर (b) पर एक ओर से जुड़ेगा और उसी समय Cl− इसे छोड़ेगा।
(iii) एक अस्थायी माध्यमिक बनेगा जिसमें OH− और Cl− दुर्बल आबंधों से जुड़े होंगे।
(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि से बढ़ेगी।
निम्नलिखित यौगिकों में से कौन-सा यौगिक SN1 अभिक्रिया में –OH आयन से अधिक तेजी से अभिक्रिया करेगा?
\[\ce{CH3-CH2-Cl}\] अथवा \[\ce{C6H5-CH2-Cl}\]
निम्नलिखित संरचना से संबंधित अन्य अनुनाद संरचनाएँ लिखिए और ज्ञात कीजिए कि अणु में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह ऑर्थो-पैरा निदर्शन वाला है या मेटा निदर्शन वाला।

निम्नलिखित यौगिकों में से किसकी SN1 अभिक्रिया द्रुतगामी होगी और क्यों?
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| (क) | (ख) |
ग्रीन्यार अभिकर्मक के उपयोग में लेशमात्र नमी भी न होना क्यों आवश्यक है?
tert-ब्यूटिलब्रोमाइड जलीय NaOH के साथ SN1 क्रियाविधि से अभिक्रिया करता है, जबकि n-ब्यूटिलब्रोमाइड SN2 क्रियाविधि द्वारा अभिक्रिया करता है। क्यों?
हैलोएरीनों के C−X आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए।
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) SN1 अभिक्रिया | (a) विस-डाइब्रोमाइड |
| (ii) अग्निशामक में रसायन | (b) जेम-डाइहैलाइड |
| (iii) ऐल्कीनों का ब्रोमीनन | (c) रेसिमीकरण |
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कॉलम I में दी गई अभिक्रियाओं को कॉलम II में दिए गए अभिक्रिया के प्रकारों से सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II | |
| (i) | ![]() |
(a) नाभिकरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन |
| (ii) | \[\begin{array}{cc} \ce{CH3 - CH = CH2 + HBr -> CH3 - CH - CH3}\\ \phantom{............................}|\phantom{}\\ \phantom{.............................}\ce{Br}\phantom{} \end{array}\] |
(b) इलेक्ट्रॉनरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन |
| (iii) | ![]() |
(c) सेत्जेफ निराकरण |
| (iv) | ![]() |
(d) इलेक्ट्रॉनरागी योगज |
| (v) | \[\begin{array}{cc} \ce{CH3 CH2 CH CH3 ->[{ऐल्कोहॉली KOH}] CH3 CH = CH CH3}\\ \phantom{}|\phantom{..........................}\\ \phantom{}\ce{Br}\phantom{.........................} \end{array}\] |
(e) नाभिकरागी प्रतिस्थापन (SN1) |
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