English

तर्क - वुर्टज अभिक्रिया में ऐल्किल हैलाइड शुष्क ईथर में सोडियम से अभिक्रिया करते हैं और हैलाइड में उपस्थित कार्बन परमाणुओं की संख्या से दुगनी संख्या वाला हाइड्रोकार्बन बनाते हैं।

Advertisements
Advertisements

Question

अभिकथन - tert-ब्यूटिल ब्रोमाइड वुर्ट्ज अभिक्रिया द्वारा 2, 2, 3, 3-टेट्रामेथिलब्यूटेन देता है।

तर्क - वुर्टज अभिक्रिया में ऐल्किल हैलाइड शुष्क ईथर में सोडियम से अभिक्रिया करते हैं और हैलाइड में उपस्थित कार्बन परमाणुओं की संख्या से दुगनी संख्या वाला हाइड्रोकार्बन बनाते हैं।

Options

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।

  • अभिकथन सही है परंतु तर्क गलत कथन है।

  • अभिकथन गलत है परंतु तर्क सही कथन है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परंतु तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण नहीं है।

MCQ
Advertisements

Solution

अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।

स्पष्टीकरण:

\[\begin{array}{cc}
\phantom{.....}\ce{CH3}\phantom{..................}\ce{CH3}\phantom{...................}\ce{CH3}\phantom{.}\ce{CH3}\phantom{............}\\
|\phantom{......................}|\phantom{......................}|\phantom{....}|\phantom{..........}\\
\phantom{}\ce{CH3 - C - Br + 2Na + Br - C - CH3 ->[{शुष्क ईथर}] CH3 - C - C - CH3 + 2NaBr}\\
|\phantom{......................}|\phantom{......................}|\phantom{....}|\phantom{..........}\\
\phantom{........}\ce{CH3}\phantom{..................}\ce{CH3}\phantom{...............}\ce{\underset{{2, 2, 3, 3-टेट्रामेथिलब्यूटेन}}{\phantom{....}CH3\phantom{.}CH3}}\phantom{.........}\\
\end{array}\]

shaalaa.com
रासायनिक अभिक्रियाएँ
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन - अभ्यास [Page 157]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 10 हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
अभ्यास | Q V. 88. | Page 157

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित में से कौन-सा ऐल्किल हैलाइड सर्वाधिक आसानी से SN1 अभिक्रिया देगा?


नीचे दिए गए अणु में कौन-से कार्बन परमाणु असममित हैं?

\[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{HO}\phantom{.....}\ce{OH}\phantom{..}\ce{H}\phantom{.....}\ce{O}\phantom{..}\\
\phantom{..}\backslash\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{.....}//\phantom{.}\\
\ce{\overset{a}{C} - \overset{b}{C} - \overset{c}{C} - \overset{d}{C}}\\
\phantom{..}//\phantom{.....}|\phantom{....}|\phantom{....}\phantom{.}\backslash\phantom{...}\\
\phantom{}\ce{O}\phantom{......}\ce{H}\phantom{...}\ce{OH}\phantom{....}\ce{H}\phantom{}\\
\end{array}\]


निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(a)
(b)
(c)

अभिक्रिया माध्यमिक के लिए निम्नलिखित में से कोन-से कथन सही हैं?

(i) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन पाँच परमाणुओं से जुड़ा है।

(ii) माध्यमिक (c) अस्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।

(iii) माध्यमिक (c) स्थायी है क्योंकि इसमें कार्बन परमाणु sp2 संकरित है।

(iv) माध्यमिक (c) अभिक्रियक (b) से कम स्थायी है।


इस अभिक्रिया की गतिकी के लिए कौन-से कथन सही हैं?

(i) अभिक्रिया की दर केवल (b) की सांद्रता पर निर्भर करती है।

(ii) अभिक्रिया की दर (a) और (b) दोनों की सांद्रता पर निर्भर करती है।

(iii) अभिक्रिया की आण्विकता एक है।

(iv) अभिक्रिया की आण्विकता दो है।


निम्नलिखित में से कौन-से यौगिक सेकेन्डी ब्रोमाइड हैं?

(i) (CH3)2CHBr

(ii) (CH3)3C CH2Br

(iii) CH3CH(Br)CH2CH3

(iv) (CH3)2CBrCH2CH3


ऐलिल क्लोराइड n-प्रोपिल क्लोराइड की अपेक्षा अधिक आसानी से क्यों जलअपघटित होता है?


ग्रीन्यार अभिकर्मक के उपयोग में लेशमात्र नमी भी न होना क्यों आवश्यक है?


SN1 क्रियाविधि के प्रथम चरण में ध्रुवीय विलायक किस प्रकार सहायता करते हैं?

tert-ब्यूटिलब्रोमाइड जलीय NaOH के साथ SN1 क्रियाविधि से अभिक्रिया करता है, जबकि n-ब्यूटिलब्रोमाइड SN2 क्रियाविधि द्वारा अभिक्रिया करता है। क्यों?


हैलोएरीनों के C−X आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए।


कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।

कॉलम I कॉलम II
(i) SN1 अभिक्रिया (a) विस-डाइब्रोमाइड
(ii) अग्निशामक में रसायन (b) जेम-डाइहैलाइड
(iii) ऐल्कीनों का ब्रोमीनन (c) रेसिमीकरण
(iv) ऐल्किलिडीन हैलाइड (d) सेत्जेफ नियम
(v) ऐल्किल हैलाइड से HX का निकलना (e) क्लोरोब्रोमोकार्बन

कॉलम I में दी गई अभिक्रियाओं को कॉलम II में दिए गए अभिक्रिया के प्रकारों से सुमेलित कीजिए।

  कॉलम I कॉलम II
(i) (a) नाभिकरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन
(ii) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3 - CH = CH2 + HBr -> CH3 - CH - CH3}\\
\phantom{............................}|\phantom{}\\
\phantom{.............................}\ce{Br}\phantom{}
\end{array}\]
(b) इलेक्ट्रॉनरागी ऐरोमैटिक प्रतिस्थापन
(iii) (c) सेत्जेफ निराकरण
(iv) (d) इलेक्ट्रॉनरागी योगज
(v) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3  CH2 CH CH3 ->[{ऐल्कोहॉली KOH}] CH3  CH = CH CH3}\\
\phantom{}|\phantom{..........................}\\
\phantom{}\ce{Br}\phantom{.........................}
\end{array}\]
(e) नाभिकरागी प्रतिस्थापन (SN1)

कॉलम I में दी गई संरचनाओं को कॉलम II में दिए गए नामों से सुमेलित कीजिए।

  कॉलम I कॉलम II
(i) (a) फिटिग अभिक्रिया
(ii) (b) वुर्ट्ज फिटिग अभिक्रिया
(iii) (c) फिंकेल्स्टाइन अभिक्रिया
(iv) \[\ce{C2H5Cl + NaI ->[{शुष्क ऐसीटोन}] C2H5I + NaCl}\] (d) सैन्डमायर अभिक्रिया

अभिकथन - ऑर्थो और पैरा स्थितियों पर नाइट्रो समूह की उपस्थिति हैलोऐरीनों की नाभिकरागी प्रतिस्थापन के प्रति क्रियाशीलता बढ़ा देती है।

तर्क - नाइट्रो समूह इलेक्ट्रॉन अपनयक समूह होने के कारण बेन्ज़ीन वलय पर इलेक्ट्रॉन का घनत्व कम कर देता है।


अभिकथन - क्लोरोएथेन की अपेक्षा क्लोरोबेन्जीन की क्लोरीन को −OH द्वारा प्रतिस्थापित करना कठिन है।

तर्क - अनुनाद के कारण क्लोरोबेन्जीन के C−Cl आबंध में आंशिक द्विआबंध गुण आ जाता है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×