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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए − 'तीसरी कसम' फ़िल्म को खरीददार क्यों नहीं मिल रहे थे?

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Question

निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

'तीसरी कसम' फ़िल्म को खरीददार क्यों नहीं मिल रहे थे?

One Line Answer
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Solution

'तीसरी कसम' फ़िल्म को खरीददार नहीं मिल सके क्योंकि फ़िल्मकारों को इस फ़िल्म से लाभ मिलने की उम्मीद बहुत कम थी। अतः उसे खरीदकर वह नुकसान नहीं उठाना चाहते थे।

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तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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Chapter 2.4: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र - प्रश्न-अभ्यास [Page 84]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.4 तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
प्रश्न-अभ्यास | Q (क) 2. | Page 84

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

'तीसरी कसम' फ़िल्म को कौन-कौन से पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

फ़िल्म समीक्षक राजकपूर को किस तरह का कलाकार मानते थे?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

'तीसरी कसम' फ़िल्म को सेल्यूलाइड पर लिखी कविता क्यों कहा गया है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

शैलेन्द्र के अनुसार कलाकार का कर्तव्य क्या है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

'शैलेन्द्र ने राजकपूर की भावनाओं को शब्द दिए हैं' − इस कथन से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

फ़िल्म 'श्री 420' के गीत 'रातों दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ' पर संगीतकार जयकिशन ने आपत्ति क्यों की?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

लेखक ने ऐसा क्यों लिखा है कि तीसरी कसम ने साहित्य-रचना के साथ शत-प्रतिशत न्याय किया है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

शैलेन्द्र के गीतों की क्या विशेषताएँ हैं। अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए -

लेखक के इस कथन से कि 'तीसरी कसम' फ़िल्म कोई सच्चा कवि-हृदय ही बना सकता था, आप कहाँ तक सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

उनका यह दृढ़ मतंव्य था कि दर्शकों की रूचि की आड़ में हमें उथलेपन को उन पर नहीं थोपना चाहिए। कलाकार का यह कर्त्तव्य भी है कि वह उपभोक्ता की रूचियों का परिष्कार करने का प्रयत्न करे।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

दरअसल इस फ़िल्म की संवेदना किसी दो से चार बनाने वाले की समझ से परे है।


फ़िल्मों के संदर्भ में आपने अकसर यह सुना होगा-‘जो बात पहले की फ़िल्मों में थी, वह अब कहाँ’। वतर्ममान दौर की फ़िल्मों और पहले की फ़िल्मों में क्या समानता और अंतर है? कक्षा में चर्चा कीजिए।


संगम की सफलता से उत्साहित राजकपूर ने कन-सा कदम उठाया?


राजकपूर ने शैलेंद्र के साथ अपनी मित्रता? निर्वाह कैसे किया?


‘तीसरी कसम’ जैसी फ़िल्म बनाने के पीछे शैलेंद्र की मंशा क्या थी?


शैलेंद्र द्वारा बनाई गई फ़िल्म चल रहीं, इसके कारण क्या थे?


‘तीसरी कसम’ में राजकपूर और वहीदा रहमान का अभिनय लाजवाब था। स्पष्ट कीजिए।


उत्कृष्ट होते हए भी 'तीसरी कसम' फ़िल्म सिनेमाघरों में क्यो नहीं चली?


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