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उनका यह दृढ़ मतंव्य था कि दर्शकों की रूचि की आड़ में हमें उथलेपन को उन पर नहीं थोपना चाहिए। कलाकार का यह कर्त्तव्य भी है कि वह उपभोक्ता की रूचियों का परिष्कार करने का प्रयत्न करे।

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Question

निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

उनका यह दृढ़ मतंव्य था कि दर्शकों की रूचि की आड़ में हमें उथलेपन को उन पर नहीं थोपना चाहिए। कलाकार का यह कर्त्तव्य भी है कि वह उपभोक्ता की रूचियों का परिष्कार करने का प्रयत्न करे।

Short/Brief Note
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Solution

फ़िल्म 'श्री 420' के एक गाने में शैलेंद्र ने दसों दिशाओं शब्द का प्रयोग किया तो संगीतकार जयकिशन ने उन्हें कहा कि दसों दिशाओं नहीं चारों दिशाओं होना चाहिए। लेकिन शैलेन्द्र का कहना था कि फ़िल्म निर्माताओं को चाहिए कि दर्शकों की रूचि को परिष्कृत करें। उथलापन उन पर थोपना नहीं चाहिए।

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तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
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Chapter 2.4: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र - लिखित (ग) [Page 95]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.4 तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र
लिखित (ग) | Q 2 | Page 95

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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

'तीसरी कसम' फ़िल्म को कौन-कौन से पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

शैलेंद्र ने कितनी फ़िल्में बनाईं?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

राजकपूर द्वारा निर्देशित कुछ फ़िल्मों के नाम बताइए।


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

राजकपूर ने 'मेरा नाम जोकर' के निर्माण के समय किस बात की कल्पना भी नहीं की थी?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

'तीसरी कसम' फ़िल्म को सेल्यूलाइड पर लिखी कविता क्यों कहा गया है?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

फ़िल्मों में त्रासद स्थितियों का चित्रांकन ग्लोरिफ़ाई क्यों कर दिया जाता है।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (25-30 शब्दों मेंलिखिए 

फ़िल्म 'श्री 420' के गीत 'रातों दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ' पर संगीतकार जयकिशन ने आपत्ति क्यों की?


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए -

शैलेन्द्र के गीतों की क्या विशेषताएँ हैं। अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर (50-60 शब्दों मेंलिखिए -

लेखक के इस कथन से कि 'तीसरी कसम' फ़िल्म कोई सच्चा कवि-हृदय ही बना सकता था, आप कहाँ तक सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए -

व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती, उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है।


फणीश्वरनाथ रेणु की किस कहानी पर ‘तीसरी कसम’ फ़िल्म आधारित है, जानकारी प्राप्त कीजिए और मूल रचना पढ़िए।


एक निर्माता के रूप में बड़े व्यावसायिक सा- युवा भी चकर क्यों खा जाते हैं?


शैलेंद्र ने अच्छी फ़िल्म बनाने के लिए दवा किया?


‘तीसरी कसम’ जैसी फ़िल्म बनाने के पीछे शैलेंद्र की मंशा क्या थी?


शैलेंद्र द्वारा बनाई गई फ़िल्म चल रहीं, इसके कारण क्या थे?


‘तीसरी कसम’ में राजकपूर और वहीदा रहमान का अभिनय लाजवाब था। स्पष्ट कीजिए।


‘राजकपूर जिन्हें समीक्षक और कलामर्मज्ञ आँखों से बात करने वाला मानते हैं’ के आधार पर राजकपूर के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालिए।


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