Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
छाया भी कब छाया ढूँढ़ने लगती है?
Advertisements
Solution
जेठ के महीने में धूप इतनी तेज़ होती है कि सिर पर आने लगती है जिससे छाया छोटी होती जाती है। इसलिए कवि का कहना है कि जेठ की दुपहरी की भीषण गर्मी में छाया भी छाया ढूँढ़ने लगती है।
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
गोपियाँ श्रीकृष्ण की बाँसुरी क्यों छिपा लेती हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
बिहारी कवि ने सभी की उपस्थिति में भी कैसे बात की जा सकती है, इसका वर्णन किस प्रकार किया है? अपने शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
मनौ नीलमनि-सैल पर आतपु पर्यो प्रभात।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जगतु तपोबन सौ कियौ दीरघ-दाघ निदाघ।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जपमाला, छापैं, तिलक सरै न एकौ कामु।
मन-काँचै नाचै बृथा, साँचै राँचै रामु।।
सतसैया के दोहरे, ज्यों नावक के तीर ।
देखन में छोटे लगै, घाव करें गंभीर ।।
अध्यापक की मदद से बिहारी विषयक इस दोहे को समझने का प्रयास करें। इस दोहे से बिहारी की भाषा संबंधी किस विशेषता का पता चलता है?
कृष्ण के साँवले शरीर पर पीला वस्त्र कैसा लग रहा है?
भयंकर गरमी का जीव-जंतुओं के स्वभाव पर क्या असर हुआ है?
गोपियाँ बातों का आनंद लेने के लिए क्या करती हैं?
कवि बिहारी ने छाया के प्रति अनूठी कल्यना की है। स्पष्ट कीजिए।
बिहारी के दोहे के आधार पर नायिका नायक को संदेश भिजवाने में असमर्थ क्यों रहती है?
बिहारी भगवान से क्या प्रार्थना करते हैं ?
बिहारी गागर में सागर भरने की कला में सिद्धहस्त हैं। कहत नटत…’ दोहे के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
कवि बिहारी भी कबीर की भाँति आडंबरपूर्ण भक्ति से दूर रहना चाहते थे। स्पष्ट कीजिए।
