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कवि बिहारी ने छाया के प्रति अनूठी कल्यना की है। स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - B

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Question

कवि बिहारी ने छाया के प्रति अनूठी कल्यना की है। स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

कवि बिहारी ने जेठ माह की प्रचंड गरमी के बीच छाया को देखकर अनूठी और सर्वथा नवीन कल्पना की है कि छाया भी गरमी से बेहाल होकर जंगल में चली गई है और वह भी घर में या पेड़ों के नीचे बैठना चाहती है अर्थात् छाया भी छाया चाहने लगी है।

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दोहे
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Chapter 1.3: दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
Chapter 1.3 दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

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