Advertisements
Advertisements
Question
बिहारी गागर में सागर भरने की कला में सिद्धहस्त हैं। कहत नटत…’ दोहे के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
Solution
कवि बिहारी कम-से-कम शब्दों में अधिक-से-अधिक बातें कहने में कुशल हैं। वे अपने दोहों में ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं जो एक ही शब्द में पूरे वाक्य का अर्थ अभिव्यंजित कर देते हैं। कहत नटत रीझत… को एक-एक शब्द पूरे वाक्य का अर्थ व्यक्त करने में समर्थ है। इस दोहे में नायक-नायिका प्रणय-निवेदन संबंधी बातें जिस तरह संकेतों-ही-संकेतों में कर लेते हैं उसकी अभिव्यक्ति एक दोहे के रूप में बिहारी जैसा कवि ही कर सकता है, अन्य कवि नहीं। इस प्रकार कहा जा सकता है कि बिहारी गागर में सागर भरने की कला में सिद्धहस्त हैं।
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
बिहारी की नायिका यह क्यों कहती है 'कहिहै सबु तेरौ हियौ, मेरे हिय की बात' - स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
गोपियाँ श्रीकृष्ण की बाँसुरी क्यों छिपा लेती हैं?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
मनौ नीलमनि-सैल पर आतपु पर्यो प्रभात।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जगतु तपोबन सौ कियौ दीरघ-दाघ निदाघ।
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जपमाला, छापैं, तिलक सरै न एकौ कामु।
मन-काँचै नाचै बृथा, साँचै राँचै रामु।।
कृष्ण के साँवले शरीर पर पीला वस्त्र कैसा लग रहा है?
भयंकर गरमी का जीव-जंतुओं के स्वभाव पर क्या असर हुआ है?
गोपियाँ बातों का आनंद लेने के लिए क्या करती हैं?
कवि बिहारी ने छाया के प्रति अनूठी कल्यना की है। स्पष्ट कीजिए।
बिहारी के दोहे के आधार पर नायिका नायक को संदेश भिजवाने में असमर्थ क्यों रहती है?
बिहारी भगवान से क्या प्रार्थना करते हैं ?
कवि बिहारी भी कबीर की भाँति आडंबरपूर्ण भक्ति से दूर रहना चाहते थे। स्पष्ट कीजिए।
