English

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-जपमाला, छापैं, तिलक सरै न एकौ कामु।मन-काँचै नाचै बृथा, साँचै राँचै रामु।।

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जपमालाछापैंतिलक सरै न एकौ कामु।
मन-काँचै नाचै बृथासाँचै राँचै रामु।।

One Line Answer
Advertisements

Solution

बिहारी का मानना है कि बाहरी आडम्बरों से ईश्वर नहीं मिलते। माला फेरनेहल्दी चंदन का तिलक लगाने या छापै लगाने से एक भी काम नहीं बनता। कच्चे मन वालों का हृदय डोलता रहता है। वे ही ऐसा करते हैं लेकिन राम तो सच्चे मन से याद करने वाले के हृदय में रहते हैं।

shaalaa.com
दोहे
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
छाया भी कब छाया ढूँढ़ने लगती है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
बिहारी की नायिका यह क्यों कहती है 'कहिहै सबु तेरौ हियौमेरे हिय की बात' - स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
सच्चे मन में राम बसते हैं−दोहे के संदर्भानुसार स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
गोपियाँ श्रीकृष्ण की बाँसुरी क्यों छिपा लेती हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
बिहारी कवि ने सभी की उपस्थिति में भी कैसे बात की जा सकती हैइसका वर्णन किस प्रकार किया हैअपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
मनौ नीलमनि-सैल पर आतपु पर्यो प्रभात।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जगतु तपोबन सौ कियौ दीरघ-दाघ निदाघ।


कृष्ण के साँवले शरीर पर पीला वस्त्र कैसा लग रहा है?


भयंकर गरमी का जीव-जंतुओं के स्वभाव पर क्या असर हुआ है?


गोपियाँ बातों का आनंद लेने के लिए क्या करती हैं?


कवि बिहारी ने छाया के प्रति अनूठी कल्यना की है। स्पष्ट कीजिए।


बिहारी के दोहे के आधार पर नायिका नायक को संदेश भिजवाने में असमर्थ क्यों रहती है?


बिहारी भगवान से क्या प्रार्थना करते हैं ?


बिहारी गागर में सागर भरने की कला में सिद्धहस्त हैं। कहत नटत…’ दोहे के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


कवि बिहारी भी कबीर की भाँति आडंबरपूर्ण भक्ति से दूर रहना चाहते थे। स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×