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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए − सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर किन-किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया? - Hindi Course - B

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Question

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −

सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर किन-किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया?

Short/Brief Note
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Solution

सर चंद्रशेखर वेंकट रामन् को समय-समय पर निम्नलिखित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया −

  1. 1924 में 'रॉयल सोसायटी' की सदस्यता प्रदान की गई।
  2. 1929 में उन्हें 'सर' की उपाधि दी गई।
  3. 1930 में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार 'नोबल पुरस्कार' प्रदान किया गया।
  4. रॉयल सोसायटी का ह्यूज पदक प्रदान किया गया।
  5. फ़िलोडेल्फ़िया इंस्टीट्यूट का 'फ्रेंकलिन पदक' मिला।
  6. सोवियत संघ का अंतर्राष्ट्रीय 'लेनिऩ पुरस्कार मिला।
  7. 1954 में उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया।
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गद्य (Prose) (Class 9 B)
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Chapter 4: धीरंजन मालवे - वैज्ञानिक चेतना के वाहक : चन्द्र शेखर वेंकट रामन - लिखित (क) [Page 43]

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NCERT Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
Chapter 4 धीरंजन मालवे - वैज्ञानिक चेतना के वाहक : चन्द्र शेखर वेंकट रामन
लिखित (क) | Q 4 | Page 43

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  2. कंघा, पतंग, चंचल, ठंडा, संबंध।
  3. अक्षुण्ण, सम्मिलित, दुअन्नी, चवन्नी, अन्न।
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  5. अँधेरा, बाँट, मुँह, ईंट, महिलाएँ, में, मैं।

ध्यान दो कि ङ, ज्, ण, न् और म् ये पाँचों पंचमाक्षर कहलाते हैं। इनके लिखने की विधियाँ तुमने ऊपर देखीं-इसी रूप में या अनुस्वार के रूप में। इन्हें दोनों में से किसी भी तरीके से लिखा जा सकता है और दोनों ही शुद्ध हैं। हाँ, एक पंचमाक्षर जब दो बार आए तो अनुस्वार का प्रयोग नहीं होगा; जैसे-अम्मा, अन्न आदि। इसी प्रकार इनके बाद यदि अंतस्थ य, र, ल, व और ऊष्म श, ष, स, ह आदि हों तो अनुस्वार का प्रयोग होगा, परंतु उसका उच्चारण पंचम वर्गों में से किसी भी एक वर्ष की भाँति हो सकता है; जैसे-संशय, संरचना में ‘न्’, संवाद में ‘म्’ और संहार में ‘ङ’।
( ं) यह चिह्न है अनुस्वार का और ( ँ) यह चिह्न है अनुनासिक का। इन्हें क्रमशः बिंदु और चंद्र-बिंदु भी कहते हैं। दोनों के प्रयोग और उच्चारण में अंतर है। अनुस्वार को प्रयोग व्यंजन के साथ होता है अनुनासिक का स्वर के साथ।


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